महिला को ले जातीं महिला पुलिसकर्मी
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जौनपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार की दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बक्शा थाना क्षेत्र के सड़ेरी गांव निवासी रीना निषाद ने अपने मासूम बच्चों के साथ आत्मदाह करने की कोशिश की। महिला ने खुद पर और बच्चों पर डीजल उड़ेल लिया। वह आग लगाती, इससे पहले ही मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया। वकीलों और एलआईयू के सदस्यों ने भी हस्तक्षेप कर महिला के हाथ से डिब्बा छीन लिया। उनकी सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
क्या है पूरा मामला
रीना निषाद के अनुसार, वह अपने घर के पास स्थित अपनी जमीन पर पीने के पानी की व्यवस्था के लिए हैंडपंप लगवा रही थी। आरोप है कि गांव के कृपाशंकर यादव अपनी दो बेटियों के साथ मौके पर पहुंचे और बोरिंग का काम रुकवा दिया। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसे गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
महिला ने आरोप लगाया कि उसने मामले की शिकायत कई बार थाने में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। बताया कि घर में पीने के पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि परिवार को गोमती नदी का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
लगातार परेशानी और सुनवाई नहीं होने से आहत होकर महिला बुधवार को अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची थी। वहां उसने बच्चों के साथ अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को समझाने का प्रयास किया। समय रहते हस्तक्षेप होने से महिला और उसके बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।