अलविदा जुमा की नमाज जिले भर में अकीदत और एहतेराम के साथ अदा की गई। अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद, शिया जामा मस्जिद, जफराबाद, कजगांव, बादशाहपुर, शाहगंज, खेतासराय, केराकत, जलालपुर, मछलीशहर, रन्नों, मड़ियाहूं की मस्जिदों में बड़ी तादात में नमाजियों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा की।
इस मौके पर नमाजियों ने मुल्क की तरक्की, खुशहाली, अमन चैन और बारिश के लिए दुआ की। नमाजियों की भारी संख्या को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर की मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज पढ़ने के लिए ग्रामीण इलाकों से भी भारी तादाद में नमाजी पहुंचे थे।
अटाला मस्जिद में मौलाना कारी इशरार ने नमाज अदा कराई। उन्होंने नमाजियों को जकात के बारे में भी बताया। शेर वाली मस्जिद में मौलाना कारी जिया ने अलविदा की नमाज अदा कराई।
शिया जामा मस्जिद, नवाब बाग, मदीना मस्जिद, कसेरी बाजार में इमामे जुमा मौलाना महफूजुल हसन खां ने खुतबा देते हुए मुसलमानों का आह्वान किया कि वह मिल्लत में भाईचारा पैदा करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र साधन है जिससे मुसलमान अपने शानदार अतीत की शानों शौकत को वर्तमान में हासिल कर सकते है।
उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिम शिक्षण संस्थान राजनीति से ऊपर उठकर उसके स्तर को ऊंचा करें। जिससे कौम के बच्चे बड़े-बड़े ओहदों पर पहुंचकर देश और मिल्लत की सेवा कर सकें।
उन्होंने आतंकवाद को समाज का कैंसर बताते हुए कहा कि यह जड़ से तभी खत्म होगा जब उसको फंडिंग करने वाले देशों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जाए। जिससे फंडिंग बन्द हो सके। उन्होंने यौमेकुदस पर बैतुलमुकद्दस की बहाली की दोआ कराई।
शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली शेख अली मंजर डेजी ने नमाज के बाद देश में सुख शांति व अमन और खुशहाली की दुआ कराई। यहां अजादारी कौंसिल के अध्यक्ष सैयद मोहम्मद हसन, महासचिव मिर्जा जावेद सुल्तान, तालिब रजा शकील एडवोकेट, अकबर जैदी, असलम नकवी, तहसीन अब्बास, डा. हाशिम खां, मोहम्मद मुस्लिम हीरा, व शिया जामा मस्जिद इन्तेजामिया कमेटी के सदस्यों ने नमाज को सकुशल सम्पन्न कराने में सहयोग किया।