जिले में एक हजार ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे जहां लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी वहीं ट्रांसफार्मर फुंकने की बड़ी समस्या भी कम हो जाएगी। इसके लिए विद्युत विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ते ही एक लाख उपभोक्ताओ को शासन के इस प्रस्ता से राहत मिल जाएगी।
लोड बढ़ने से जिले में हर माह 250 से 300 ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही कटौती और लोवोल्टेज से उनका पीछा नहीं छूटता। जिले में 3 लाख 47 हजार 883 विद्युत उपभोक्ता हैं। इनकी तुलना में 29831 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। जो 10 केवीए से लेकर 100 केवीए की क्षमता के हैं।
आकड़ों पर गौर करें तो अमूमन 150 से 200 ट्रांसफार्मर ग्रामीण अंचल में बारिश के दिनों में फुंकते हैं। पूरे जिले में 250 से 300 ट्रांसफार्मर अधिक लोड के कारण जल जाते हैं और विभाग को लाखों रुपये इनके मरम्मत के लिए खर्च करना पड़ता है। बावजूद इसके लोग कई दिनों तक अंधेरे में रहने को विवश होते हैं। ऐसे में एक हजार ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है।
इसमें 10, 25, 63 केवीए के ट्रांसफार्मर शामिल हैं।
इनकी क्षमता बढ़ जाने के बाद जहां लोगों को लो वोल्टेज जैसी समस्या से निजात मिल जाएगी वहीं ट्रांसफार्मर फुंकने की समस्या भी कम हो जाएगी। उधर, विभाग की माने तो प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिल जाने की संभावना है।