करंजाकला। मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही लोग उल्टी दस्त और फूड प्वाइजनिंग के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसकी चपेट में बच्चे अधिक आ रहे हैं। डॉक्टर सभी को संतुलित आहार लेने की सलाह दे रहे है। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मेडिकल कॉलेज सिद्दीकपुर में इलाज के लिए आने वाले ज्यादातर बच्चे और उम्रदराज लोग शामिल हैं जाे तापमान बढ़ने से फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो रहे हैं। बाजार की तली भुनी चीजें, फास्ट फूड, खुले में रखे सामान खाने व पानी पीने से समस्याएं बढ़ रही हैं।
यह लक्षण दिखे तो हो जाएं सतर्क
आंखों के नीचे गड्ढा हो जाना, होठ, तालू और मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा होना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे की घंटी है। यदि शरीर में ज्यादा सुस्ती होती है, खाने-पीने का मन ना करे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। अपने मन से किसी प्रकार की दवा न लें।
इन बातों का रखें ध्यान
उल्टी अथवा दस्त होने पर ओआरएस का घोल जरूर लेना चाहिए। खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, फल का सेवन करें, फल में केला का सेवन करें, छाछ,नारियल का पानी, आम का पन्ना दे सकते हैं। पानी ज्यादा पीना है, पानी स्वच्छ होना चाहिए।
वर्जन
अस्पताल में तीन-चार दिनों से फूड प्वाइजनिंग के मामले आ रहे हैं। बच्चों के साथ उम्र दराज लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। गर्मी के मौसम में बाहर बनी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।
डॉ. सच्चिदानंद, विभागाध्यक्ष कम्युनिटी मेडिसिन, मेडिकल कालेज