शाहगंज स्टेशन के बाहर खुले आसमान के नीचे रखा गया करीब पांच हजार कुंतल गेहूं सोमवार की रात में हुई बारिश में भीग कर खराब हो गया। नष्ट हुए गेहूं की कीमत 72.50 लाख से अधिक है। सरकारी सस्ते गल्ले की दूकानों के माध्यम से गरीबों में वितरित होने के लिए आया पंजाब से मंगाया गया गेहूं शाहगंज रेलवे स्टेशन पर खुले आसमान के नीचे कच्ची फर्स पर रख दिया गया था।
फूड कार्पोरेशन आफ इंडिया (एफसीआई) द्वारा शाहगंज के सेंट्रल वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन (सीड्ब्लूसी) को पंजाब प्रांत के फिरोजपुर से 27500 कुंतल गेहूं भेजा गया था। 42 बैगन में कुल 55 हजार बोरियों में गेहूं भरा था। 22 मई की रात गेंहू से लदा ट्रेन शाहगंज माल गोदाम पर पहुंचा। सोमवार को 23 बैगन से गेहूं उतार गोदाम में रख दिया गया। बाकी 19 बैगन में लदा गेहूं माल गोदाम बाहर कच्ची फर्स पर खुले आसमान के नीचे रख दिया गया। मंगलवार भोर के लगभग तीन बजे तेज आंधी के साथ हुई बारिश में गेहूं भीग गया। हालांकि सुरक्षा के लिए गेहूं से भरी बोरियों की छल्ली के ऊपर पॉलीथिन और तिरपाल डाला गया था लेकिन लापरवाही के चलते तेज आंधी में पालीथिन उड़ गई और गेहूं भीग गया।
हालांकि बारिश से गेहूं भीग जाने के उपरांत ढुलाई ठेकेदार ने आनन फानन मे माल समेट कर उसे भेजना शुरू कर दिया। एफसीआई के अधिकारियों की माने तो गोदाम के बाहर रखे गेहूं का 35 फीसदी नुकशान हुआ है। इस हिसाब से करीब पांच हजार कुंतल गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया। जिसकी कीमत करीब 72.50 लाख है। केंद्रीय भंडारण गृह के मैनेजर पुष्पेंद्र का कहना है कि गेहूं पानी मे भींग जाने से उसकी गुणवत्ता को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।