हुसैनाबाद कलेक्ट्रेट के सामने बिजली के पोल में बना तारों का जाल।
प्रदेश के ऊर्जा एवं नियोजन राज्य मंत्री के जिले में जर्जर तारों पर बिजली दौड़ रही है। स्थिति यह है कि 20 सालों से तार बदले नहीं गए। जिसकी वजह से शार्ट सर्किट से किसान तबाह हो रहे हैं। सैकड़ों बीघे फसल जलकर नष्ट हो गई है।
स्थिति यही रही तो कभी भी लोग हादसे के शिकार होकर जान गंवा सकते हैं।जिले में शार्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। हर साल किसानों की खून पसीने की कमाई मिट्टी में मिल जा रही है, लेकिन बिजली विभाग इस समस्या से निपटने के लिए कोई कारगर उपाय नहीं कर रहा।
ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद भी तार नहीं बदले जाते। कहीं लोगों की छत के ऊपर तो कहीं खेतों में तार लटक रहे हैं। विभागीय स्तर पर इस कदर लापरवाही है कि कोई सुनने वाला नहीं है। यह हालात ऊर्जा राज्यमंत्री के जिलों की है तो और जिलों की क्या होगी।
ढीले होकर नीचे लटक रहे हाईटेंशन तार जरा भी हवा का झोंका चलने पर आपस में टकराते हैं और उसकी चिंगारी खेत और खलिहान में रखी फसलों को तबाह कर दे रही है।
विकास के नाम पर गांव-गांव बिजली पहुंचा दी गई है, लेकिन उसकी देखभाल और मरम्मत के लिए विभाग के पास कोई इंतजाम नहीं है। यहां तक की पर्याप्त संख्या में लाइनमैन भी नहीं है, जो शिकायत मिलने पर पोल से लटक रहे तारों को ठीक कर सकें। प्राइवेट लाइनमैनों के सहारे विभाग का काम चल रहा है। वर्षों पहले पोल पर दौड़ाए गए तार जर्जर हो चुके हैं।