फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुल अन्यत्र बनाये जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

विज्ञापन
21- मुफ्तिगंज क्षेत्र के नयपुरा गांव में निर्धारित स्थान पर पुल न बनने के विरोध में प्रदर्शन करते ग - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
पुल की जगह बदलने से आक्रोश, प्रदर्शन
विज्ञापन

निर्धारित स्थान पर ही पुल बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गौराबादशाहपुर। गोमती नदी पर नयपुरा-खर्चनपुर घाट के बीच प्रस्तावित पुल को बिजवार सारंगपुर व सुंघलपुर के बीच बनाने की योजना से आक्रोशित नयपुरा के निवासियों ने नयपुरा घाट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुल का निर्माण नयपुरा-खर्चनपुर के बीच बनाने की मांग की।
नयपुरा-खर्चनपुर घाट पर पक्के पुल के निर्माण के लिए 23 करोड़ 21 लाख का बजट पास है। यह बजट सपा शासन में ही पास हैं। अगर इस घाट पर पुल बन जाता तो वाराणसी जाने के लिए लोगों को आसानी होती। साथ ही लगभग 15 किलोमीटर की दूरी भी कम हो जाती। इस पुल को विजवा सारंग और सुंघलपुर के बीच बनाया जा रहा है। जिसको लेकर क्षेत्रीय लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है की धन नयपुरा घाट पर पुल बनाने के लिए अवमुक्त किया गाय है। नयपुरा घाट पर हर साल आठ माह के लिए पीपे का पुल लगाया जाता था। इससे आसपास के गांव के लोग छोटे वाहन और साइकिल द्वारा आवागमन करते थे। वर्तमान समय में पीपे का पुल का भी अस्तित्व खत्म हो चुका है। लकड़ी के बोटें गायब हो चुकी हैं। उस पर लगने वाला पीपा भी बह चुका है। इस बार पुल नहीं बनने से महज दो किलोमीटर दूर जाने के लिए ग्रामीणों को करीब 14 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस समस्या से निजात दिलाने के गांव के निवासियों ने कई बार स्थानीय विधायक और जिलाधिकारी से पुल बनवाने और पुल नहीं बनने तक पीपा पुल को सही करवाने की मांग की लेकिन कुछ नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

नयपुरा गांव निवासी प्रभु नारायण राय इस पुल के स्थान परिवर्तन को लेकर संबंधित विभाग से जन सूचना अधिकार के तहत कई बार जानकारी भी मांग चुके हैं लेकिन विभाग कोई जानकारी नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस बारे में जिलाधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तो हम इसकी शिकायत मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से करेंगे। हर हाल में पुल निर्धारित जगह पर ही बनने दिया जाएगा। इस मामले में हाईकोर्ट भी जाने की योजना है। प्रदर्शन करने वालों में अब्दुल कलाम, रमेश नागर, प्रदीप नागर, मुकेश शर्मा ,लालबहादुर, जग्गा बाबा, गुड्डू नागर व पप्पू विश्वकर्मा आदि रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें