जौनपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के समोपुर मोहल्ले में स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को सुबह प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत से गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल में तोडफ़ोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक समेत दो के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मल्हनी गांव निवासी रुबियान की पत्नी शबाना (20) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन छह फरवरी को उसे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराए थे। पीड़ित परिवार के लोगों का आरोप है कि सुनील कुमार नामक एक व्यक्ति ने उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा देकर वहां से रेफर कराकर मल्हनी पड़ाव के निकट समोपुर मोहल्ले में स्थित जोया नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। वहां सुरक्षित प्रसव कराने के लिए 20 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। मौके पर परिजनों ने 15 हजार रुपये जमा कर दिया। आरोप है कि सात फरवरी की रात में आपरेशन के दौरान प्रसूता की हालत बिगडने लगी तो भोर में करीब तीन बजे चिकित्सक मो. जफर खुद एंबुलेंस से लिवाकर बुआ जी अस्पताल पहुंचे। जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों को भरोसा नहीं हुआ तो वे एक और नर्सिंग होम लेकर गए। वहां भी डाक्टर ने शबाना को मृत घोषित कर दिया। गुस्साए परिजन महिला का शव लेकर जोया नर्सिंग होम पहुंच गए। सूचना पर गांव से और लोग भी आ गए लोगों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए तोडफ़ोड़ की। सूचना पर पुरानी बाजार पुलिस चौकी से फोर्स मौके पर पहुंच गई। चौकी इंचार्ज ने समझा बुझाकर शांत कराया। मृतका के पति रुबियान की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक मो. जफर और जिला महिला चिकित्सालय से रेफक कराकर लाने वाले सुनील के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह का कहना है कि चिकित्सक समेत दो के खिलाफ पुलिस गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
मछलीशहर में भी प्रसूता की मौत, हंगामा
बरईपार। मछलीशहर कस्बे में स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। बाद में पीड़ित परिवार और चिकित्सक के बीच सुलह समझौता हो गया
नगर के कजियाना मोहल्ला निवासी शाहीन नीलू (28) पुत्री इश्तियाक को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर सुबह परिजनों ने नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आपरेशन से पसव हुआ। प्रसव के कुछ देर बाद प्रसूता की मौत हो गई। जबकि बच्ची सुरक्षित है। अस्पताल में परिजों के हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर शांत कराया। बाद में पीड़ित परिवार के लोगों ने चिकित्सक से सुलह समझौता कर लिया।