जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित कार्य परिषद की बैठक में एजेंडा से अलग मुद्दा उठाया जाने पर हंगामा हो गया। राज्यपाल के नामित सदस्यों ने एजेंडा से अलगे मुद्दा उठाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह की तैयारी के संबंध में बैठक बुलाई गई और उसी पर बात होनी चाहिए। सहमति नहीं बनने पर दोनों सदस्य बैठक का बहिष्कार कर मीटिंग हाल से बाहर चले गए। विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में सुबह करीब 12 बजे कुलपति प्रो, राजाराम यादव की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। बैठक में एजेंडा रखा गया तो उसमें केवल विश्वविद्यालय के 23 दीक्षांत समारोह की तैयारी पर चर्चा की बात लिखी थी। दीक्षांत समारोह की तैयारियों के संबंध में चर्चा के बाद शिक्षकों के नियुक्ति की लिफाफा खोला जाने लगा तो राज्यपाल के नामित सदस्य डा. दीनानाथ सिंह और डा. हरिसर प्रसाद सिंह ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। लिहाजा एजेंडे के अलावा किसी मुद्दे पर विचार नहीं किया जा सकता है। सदस्यों का आरोप है कि बैठक में उनकी बातों की अनसुनी की जाने लगी तो वह बैठक का बहिष्कार कर मीटिंग हाल से बाहर चले गए। उनका कहना है कि जब हर निर्णय अपनी मर्जी से लेना है तो सदस्यों को बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। बैठक में प्रो. एके श्रीवास्तव, डा. वशिष्ट यति, डा. विलास ए तभाने, प्रो. रामनायारण, प्रो. शैलेंद्र कुमार गुप्त, प्रो. राणा कृष्ण पाल सिंह, प्रो. मानस पांडेय, डा. सौरभ पाल, संदीप कुमार सिंह, डा. मुनीव शर्मा, डा. नूर तलत, डा. सतीश कुमार, डा. अनिल कुमार सिंह, डा. रणविजय सिंह, डा. दीननाथ सिंह, डा. हरिहर प्रसाद सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह मौजूद रहे।
आपत्ति के बाद भी खोल दिया लिफाफा
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद की बैठक में हिस्सा लेने आए राज्यपाल के नामित सदस्य डा. हरिहर प्रसाद सिंह और डा. दीनानाथ सिंह ने कहा कि बैठक में शिक्षकों के नियुक्ति का लिफाफा खोलना एजेंडा में शामिल नहीं था। इसके बात भी लिफाफ खोल दिया गया। जो कार्यपरिषद के नियम की अनदेखी है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह की गलती कैसे कर रहा है। उन्होंने कहा कि उसकी शिकायत राज्यपाल से करूंगा। बैठक की गतिविधियों से उन्हें अवगत कराया जाएगा।