इस तरह घटना को दिया अंजाम
गिरफ्तार कार्तिक राजभर ने बताया कि वह अपने गांव के कुख्यात अपराधी संतोष राजभर उर्फ राजू (पुलिस मुठभेड में मृत) के संपर्क में था। कार्तिक और संतोष ने मिलकर योजना बनाई कि कानपुर-प्रयागराज मार्ग पर कॉपर आदि जैसे कीमती सामान ट्रक-ट्रेलरों से जाते हैं, इसे लूटकर कानपुर में बेचकर अच्छा पैसा कमाया जा सकता है।
इस योजना में इन दोनों ने अपने एक साथी रंजित राजभर निवासी राजागंज कुंभ थाना बरदह आजमगढ़ को भी शामिल कर लिया। इन लोगों ने कानपुर के कुछ व्यापारियों से बात कर ली थी। कॉपर आदि जैसी कीमती धातु व्यापारियों को आधे दाम पर बेचने की बात तय हुई। लूट से पहले कानपुर-प्रयागराज मार्ग पर रेकी की थी।
15 मई को अपनी कार से कॉपर लदे ट्रेलर का कानपुर से पीछा करना शुरू किया और कोखराज से आगे प्रयागराज जाने वाले मोड तिराहा के आगे पुलिया के पास कार लगाकर ट्रेलर को रोक लिया। तीनों ने ट्रेलर में चढ़कर चालक सांवरलाल की गोली मारकर हत्या कर दी।
तीनों अपनी कार व ट्रेलर को लेकर कानपुर की तरफ ककोढ़ा से आगे सुनसान स्थान पर सड़क के किनारे चालक के शव को फेंक दिया। ककोढ़ा के पास झाड़ियों में संतोष राजभर ने घटना में प्रयुक्त अपना असलहा फेंक दिया। इसके बाद ट्रेलर को दूसरे सुनसान स्थान पर ले जाकर खड़ा कर दिया था।
3.80 करोड़ रुपये के कॉपर से लदे ट्रेलर लूट और चालक की हत्या के आरोपी एक लाख के इनामी कार्तिक राजभर को 24 जुलाई को पटियाला से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कौशांबी के कोखराज थाने को सौंप दिया गया है। - अनिल कुमार सिंह, निरीक्षक एसटीएफ फील्ड यूनिट, वाराणसी।