जौनपुर जंक्शन पर आरक्षण काउंटर पर तीन खिड़कियां है। वर्तमान में दो खिड़कियां कर्मचारियों के अभाव में बंद कर दी गई है। जिससे जंक्शन का राजस्व एक करोड़ से घटकर 60 लाख पर पहुंच गया है।
मई 2024 में कुल राजस्व 1.09 करोड़ था जो मई 2025 में घटकर 60.84 लाख हो गया। यानी 40 लाख राजस्व घट गया है। इसके अलावा तत्काल टिकट को लेकर यात्रियों में हर दिन मारामारी मची हुई है। जौनपुर जंक्शन से प्रतिदिन करीब 36 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन होता है। रोज करीब पांच हजार यात्रियों का आना जाना लगा रहता है। जिनसे अच्छा खास राजस्व प्राप्त होता था।
जौनपुर स्टेशन पर आरक्षण टिकट वितरण के लिए तीन बुकिंग खिड़कियां स्थापित की गई हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार एक आरक्षण विडो स्टाफ कम होने से करीब दो साल से बंद है। जबकि एक और काउंटर एक माह से बंद हो गया है। काउंटर आरक्षण कार्यालय में 13 कर्मचारियों का स्टाफ मंजूर है। पर वर्तमान में चार कर्मचारी कार्यरत हैं।
जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनों में 100 से 120 आरक्षण प्रतिदिन होते हैं।
ऐसे में भारी भीड़ को संभालना एक कर्मचारी के बस की बात नहीं है। वहीं कर्मचारी को 8 की बजाय 10 से 12 घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है।
2024 में मई माह में कुल एक करोड़ 9 लाख 11 हजार 365 रुपये राजस्व की प्राप्त हुआ था वहीं इस साल 2025 में मई माह में कुल 60 लाख 84 हजार 305 रुपये राजस्व मिला है।