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Jaunpur News: 46 करोड़ से बने दो आश्रम पद्धति विद्यालय, फिर भी पढ़ाई का सपना अधूरा

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जौनपुर। सपा सरकार के समय में शुरू हुए आश्रम पद्धति विद्यालयों के निर्माण के साढ़े चार साल बाद भी उसका उद्घाटन नहीं हो सका। इसकी वजह शासन स्तर से पद सृजित न होने को बताया जा रहा है। 46 करोड़ की लागत से बनकर तैयार इन भवनों के बावजूद छात्रों के पढ़ने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। यहां अब झाड़-झंखाड़ उग गए हैं। इसको लेकर जिम्मेदारों की तरफ से कोई पत्राचार भी नहीं किया जा रहा हैं।
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गौराबादशाहपुर : सपा सरकार में वर्ष 2015 में जफराबाद विधायक स्व.शचीन्द्रनाथ त्रिपाठी के प्रयास से धर्मापुर ब्लाक के मनिहा गोविंदपुर गांव में आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हुआ। करीब साढ़े चार साल में विद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया। पानी की टंकी, बिजली का ट्रांसफार्मर, खिड़की, दरवाजा, सड़क आदि का निर्माण कार्य हो गया। बावजूद 26 करोड़ की लागत से बने इस विद्यालय की शुरुआत नहीं हो सकी। 490 छात्रों के पठन-पाठन के लिए बने इस स्कूल में मेस, बेड, लाइब्रेरी की व्यवस्था, बिस्तर, रजाई आदि सामान विद्यालय में पहुंच चुका है। शुरुआत न होने के चलते इसके परिसर में जगह-जगह झांड-झंखाड़ उग गए हैं। फिलहाल इसकी रखवाली के लिए पीआरडी के जवान लगे हैं। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि सुरेंद्र राजभर का कहना है गांव में विद्यालय आना सौभाग्य की बात है इससे गांव और क्षेत्र का विकास होगा स्थानीय बच्चों को पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही गयासपुर में बनाया गया आश्रम पद्धति विद्यालय में भी पढ़ाई चल रही है।
केराकत : विकास खंड मुफ्तीगंज के ग्राम सभा मटियारी में समाज कल्याण विभाग द्वारा सरकार का पैसा पानी की तरह बहाकर विभाग तमाशबीन बना हुआ है, 20 करोड़ रुपये की लागत से बने भवन में तमाम सुविधाओं से लैस है। लेकिन भवन में पीआरडी के जवानों के अलावा विभाग का कोई कर्मचारी व अधिकारी ढूंढ़ने पर भी नही मिलेंगे।
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करीब 10 बीघा जमीन पर बने आश्रम पद्धति विद्यालय का 2015 में तत्कालीन विधायक गुलाबचंद्र सरोज ने शिलान्यास किया था। 20 करोड़ की लागत से भवन बनने में करीब चार साल का समय लगा। बच्चों के पढ़ने के लिए क्लासरूम, हॉस्टल, लाइब्रेरी इत्यादि के लिए दो भवन तो शिक्षकों के आवास के लिए एक भवन बना है, हास्टल में 40 कमरे तो अध्ययन के लिए भी दूसरे भवन में करीब उतने ही क्लासरूम बने हैं।
शासन स्तर से विद्यालय में शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए हैं। भवन तो चार साल पहले ही बनकर तैयार हुआ है। पद सृजित होने के बाद इसका संचालन किया जाएगा। प्रत्येक आश्रम पद्धति विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक की पढ़ाई की जाएगी।
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- नीरज पटेल, समाज कल्याण अधिकारी।
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