जौनपुर। राम मंदिर निर्माण के नाम पर फर्जी रसीद के सहारे चंदा वसूली के मामले में जेल में बंद दो आरोपियों को बुधवार को जिला जज के न्यायालय से जमानत मिल गई। जबकि तीसरे आरोपी की ओर से कोर्ट में कोई जमानत अर्जी नहीं दी गई है।
विहिप के पदाधिकारियों की शिकायत पर लाइनबाजार थाने की पुलिस प्रिंटिंग प्रेस संचालक समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जेल भेजी थी। आरोपी प्रिंटिंग प्रेस संचालक की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई कि उन्होंने सद्भावना पूर्वक रसीद की छपाई की थी। इससे कोई धन कमाने की लालसा नहीं थी। उन्होंने रसीद पर बाकायदा अपने प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी छापा है। दूसरे आरोपी राकेश कुमार की तरफ से भी यही दलील दी गई कि उन्हें भी फर्जी फंसाया गया है। कोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर कर ली जबकि राहुल अस्थाना निवासी ख्वाजा दोस्त कोतवाली की ओर से अभी तक कोई जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में नहीं दिया गया है।