मुंगराबादशाहपुर। स्थानीय क्षेत्र के सराय चौहान भीखपुर गांव निवासी रिटायर्ड शिक्षक त्रिफला राधेश्याम पांडेय 151 नदियों जल एवं मिट्टी लेकर अयोध्या पहुंच गए हैं। उन्होंने भारत व श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र में आठ जगह से जल संग्रह किया है। वह कई साल से जल व मिट्टी जुटा रहे थे।
राधेश्याम पांडेय क्षेत्र के सोंहासा गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे। वह 2008 में सेवानिवृत्त हुए। उनके सभी चार पुत्र नौकरी करते हैं। चौथी कक्षा में उन्होंने पाठ्य पुस्तक में रामकथा पढ़ी थी। तभी उनके मन में राम के बारे में जिज्ञासा पैदा हुई। वर्ष 1967 में शिक्षक की नौकरी मिलने के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश में राम वनगमन पथ का पता लगाने के लिए साइकिल से चल पड़ते थे।
2008 में सेवानिवृत्त होने के बाद इस खोज के लिए समर्पित हो गए। उन्होंने अयोध्या से रामेश्वरम तक साइकिल से यात्रा की। इस दौरान उन्होेंने 151 नदियों और 8 समुद्र का जल तथा मिट्टी संग्रह किया। भारत की नदियों के अलावा नेपाल के दामोदर कुंड, गंडकी नदी, भूटान की नंदा एवं अपरनंगा नदी तथा श्रीलंका की महावेली गंगा, केनालिया गंगा सहित 16 नदियां शामिल है। हम्बनकोटा के उस जलाशय का जल एवं मिट्टी ली। इस जलाशय में लंका दहन के बाद हनुमान जी ने स्नान किया था। उन्होंने यह सब सामग्री रामजन्म भूमि न्यास के महासचिव चंपत राय को सौंप दिया है। इसका उपयोग 5 अगस्त को पूजन में होगा।