मां और बेटी से गहने लूटकर भाग रहे बाइक सवार तीन लुटेरों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पुलिस ने तमंचा और कारतूस तो बरामद कर लिया लेकिन महिला से लूटे गए गहने बरामद नहीं हुए।
उक्त खुलासा शनिवार को पुलिस अधीक्षक भारत सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया।सुजानगंज थाना क्षेत्र के रायपुर कला गांव निवासी बनवारीलाल प्रजापति अपनी पत्नी कौशिल्या देवी औैर बेटी रागिनी को लिवाकर बाइक से
कहीं जा रहे थे। शुक्रवार की शाम छह बजे वे महाराजगंज थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में नहर की पुलिया के पास पहुंचे थे तभी पीछे से आए पल्सर बाइक सवार तीन लुटेरों ने उन्हें रोक लिया और तमंचे से आतंकित कर मां और बेटी के
कान से सोने का कनफूल छीन लिया। बनवारीलाल ने विरोध किया तो तमंचे की मुठिया से मारकर उनका सिर फोड़ दिया। बदमाश भागने लगे तो उन्होंने शोर मचाया। राहगीरों ने भी शोर मचाते हुए पीछा किया। सूचना पुलिस कंट्रोल
रूम को भी दे दी गई। सूचना पर क्राइम बांच के प्रभारी राजीव कुमार सिंह और एसओ सुजानगंज केके मिश्रा भी सामने से आ गए। कोल्हुआ बाजार से दो सौ मीटर आगे लुटेरे पहुंचे थे तभी सामने से आती पुलिस की गाड़ी देख उस
पर फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने भी लुटेरों को ललकारा तो वे बाइक छोड़ खेत की ओर पैदल भागने लगे। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। पकड़े गए लुटेरों में रोशन सिंह निवासी तिलपानी थाना आसपुर देवसरा
जिला प्रतापगढ़, सुजीत सिंह निवासी भखपुर थाना आसपुर देवसरा प्रतापगढ़ और प्रज्ञान शर्मा बगई आसाम का निवासी है। वह महराजगंज थाना क्षेत्र के गांधीनगर स्थित एक कान्वेंट स्कूल में नौकरी करता है। पुलिस ने तीनों का चालान न्यायालय भेज दिया।