जौनपुर। कोरोना काल में पटरी दुकानदारों को आर्थिक जरुरतों को पूरा करने के लिए शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना का लक्ष्य पूरा करने के लिए जिम्मेदार हांफ रहे हैं। चयन के लिए तीन दिन शेष हैं, मगर अब तक सात हजार के सापेक्ष सिर्फ चार हजार का ही पंजीयन हो पाया है। इसमें भी योजना का लाभ पाने वालों की संख्या महज 167 है। पीएम की प्राथमिकता वाली योजना होने के कारण अफसरों की जान सांसत में हैं। चिंता इसलिए भी है कि 27 को पीएम इन लाभार्थियों संवाद भी कर सकते हैं।
कोरोना काल में पटरी दुकानदारों को व्यवसाय में आर्थिक दुश्वारियों दूर करने के लिए सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत शहर में फुटपाथ विक्रेताओं का नगर पालिका में पंजीकरण करते हुए 12 हजार का बैंक से ऋण देने का प्रावधान किया गया है। इस पर लगने वाले ब्याज में से सात फीसदी का अनुदान दिया गया है। इस योजना के तहत जिले में सात हजार 246 पथ विक्रेताओं का रजिस्ट्रेशन करते हुए उनको योजना से लाभांवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद को दी गई है। नगर पालिका कच्छपप गति से योजना को परवान कराने में जुटा है। आलम यह है कि तय तिथि बीतने में मात्र तीन दिन शेष बचा है, लेकिन अभी तक167 लाभार्थियों को ही योजना से आच्छादित किया जा सका है। अभी भी सात हजार 79 लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पाया है। जिसमें से चार हजार लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन भी हो गया है। बावजूद इसको अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।