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थर्मामीटर न ऑक्सीमीटर, फिर भी होम आइसोलेट कर दिए जा रहे मरीज

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जौनपुर। कोरोना के मरीजों को राहत देते हुए शासन ने होम आइसोलेशन की सुविधा दी है। तय मानकों को पूरा करने वालों को यह सुविधा दी जानी है। इसके लिए जांच कराने के बाद सीएमओ से अनुमति लेनी होगी। मगर मानकों की अनदेखी के बावजूद मरीज घरों में आइसोलेशन का दावा कर रहे हैं। कुछ लोगों के पास तो थर्मामीटर तक नहीं है।
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होम आइसोलेशन में उसे ही रखा जा सकता है, जिसमें कोरोना का कोई लक्षण न हो। घर में कम से कम दो शौचालय और मरीज के लिए एक अलग कमरा हो। इसके अलावा शरीर का तापमान नापने के लिए एक थर्मामीटर और ऑक्सीजन लेवल जांच के लिए पल्स ऑक्सीमीटर हो। प्रत्येक मरीज के मोबाइल में स्वास्थ्य विभाग का एप भी डाऊनलोड होना चाहिए, जिससे मरीज उसमें मिले निर्देशों के मुताबिक अपनी देखभाल कर सके। जिले में अब तक 573 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। इसमें तीन सौ से अधिक लोग ऐसे हैं, जिन्होंने न एप डाऊनलोड किया है और न ही उनके पास थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर है। कइयों के घर में दो शौचालय भी नहीं है। बावजूद जिम्मेदार इससे बेपरवाह बने हुए हैं। इस बाबत डीएम दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि कुछ स्थानों से ऐसी शिकायत मिली है। सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि शर्तों को पूरा करने वालों को ही होम आइसोलेट करें। जिनके पास भी थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर नहीं है, वह इसकी व्यवस्था शीघ्र कर लें। होम आइसोलेट सभी मरीजों की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट को लगाया गया है। शर्तों को पूरा न करने वालों के एल-1 अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
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