जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर शत-प्रतिशत दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में बाहर की दवाइयां लिखने और बाहर से जांच होने पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित चिकित्साधिकारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए, ताकि जनपद से निगरानी की जा सके। निर्माण कार्य में प्रगति कम होने और बैठक में अनुपस्थित रहने पर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता का एक दिन का वेतन काटने तथा स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। अभियान के दौरान आयुष्मान कार्ड बनने तथा आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मरीजों का इलाज कम होने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने धर्मापुर और मडि़याहूं के प्रभारी चिकित्साधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्हें चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने महीने में 50 से भी कम इलाज करने वाले सभी ब्लॉक चिकित्सालयों को इसमें सुधार करने के लिए चेतावनी दी। इसके लिए धर्मापुर, करंजाकला, खुटहन, सिकरारा और सोंधी की स्वास्थ्य इकाइयों के प्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई। जननी सुरक्षा योजना में भी उपलब्धि कम रहने पर नाराजगी जताई। वित्तीय सूचना उपलब्ध न करा पाने के लिए जिला लेखा प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही भविष्य में वित्तीय अनियमितता रोकने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया ताकि लेखा-जोखा का ऑडिट होता रहे और अनियमितता से बचाव हो सके।