करंजाकला। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय में संचालित बीएससी कृषि प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कराने के लिए पेपर के पैटर्न पर निर्णय नहीं हो पाया है। विवि प्रशासन इनकी परीक्षाएं ओएमआर सीट पर कराना चाह रहा था लेकिन कालेजों ने इसका विरोध किया। इसके कारण परीक्षा पर अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है। कालेजों को कहना है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) में इस तरह से परीक्षा कराने का प्राविधान नहीं है। इसके चलते आज तक परीक्षा पर निर्णय नहीं हो पाया है। शेष स्नातक प्रथम वर्ष की सेमेस्टर परीक्षाएं ओआरएम सीट पर कराई जाएगी।
सहायक कुलसचिव डा. अमृतलाल का कहना है कि स्नातक प्रथम वर्ष विद्यार्थियों की परीक्षाएं ओएमआर सीट पर कराने का फैसला किया है। कोरोना काल में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में दिक्कत को देखते हुए यह फैसला किया गया है। पहले लिखित परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया गया था, जो बदल दिया गया है। हालांकि विश्वविद्यालय के इस फैसले से छात्रों में काफी नाराजगी है क्योंकि अधिकांश छात्र पहले से तय पैटर्न के अनुसार तैयारी की है।
विवि के जनसंपर्क अधिकारी डा. अमित वत्स ने बताया कि मार्च के चौथे सप्ताह से परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी। 75 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में 40 अंकों के साथ विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होना होगा। कुल 100 नंबर के प्रश्नों में 25 नंबर महाविद्यालय देगा तथा 75 नंबर विश्वविद्यालय मूल्यांकन करने के बाद देगा। प्रायोगिक परीक्षा वाले विषयों में केवल मौखिक परीक्षा ही कराई जाएगी। 75 फीसदी से ज्यादा अंक नहीं दिए जाएंगे। सहायक कुलसचिव अमृतलाल ने बताया कि यह निर्णय कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया।
अभाविप इसका करेगा विरोध
जौनपुर। अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक उद्देश्य सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने फायदे के लिए परीक्षा ओएमआर सीट पर कराना चाह रहा है। जबकि आईसीएआर में ऐसी व्यवस्था नहीं है। विद्यार्थी परिषद किसी भी हालत में इस तरह से परीक्षा नहीं कराने देगा। छात्र आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। सोमवार को विवि के अधिकारियों से मिलकर विरोध करेंगे।