करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय पहले 51 विषयों में पीएचडी कराता था, लेकिन अब 50 में ही कराएगा, क्योंकि उर्दू विषय में शोध नहीं होगा। इस विषय का विश्वविद्यालय में कोई गाइड नहीं है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर के 575 महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर में 51 विषयों में पहले पीएचडी कोर्स संचालित था। लेकिन शिबली कॉलेज आजमगढ़ को महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय संबद्ध होने के बाद जौनपुर और गाजीपुर की किसी भी महाविद्यालय में उर्दू के शोध गाइड नहीं बचे हैं। इस कारण नए विज्ञापन जारी होने के दौरान उर्दू विषय को हटा दिया जाएगा। ऑनलाइन थीसिस जमा करने में हो रही देरी के कारण अभी तक विश्वविद्यालय की तरफ से शोध के लिए विज्ञापन भी जारी नहीं किया गया है। इससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विज्ञापन जारी होने के बाद उम्मीद है कि मार्च, अप्रैल में शोध परीक्षकों का आवंटन हो पाएगा। सहायक कुलसचिव बबिता सिंह ने बताया कि अभी शोध में प्रवेश के लिए कोई तैयारी नहीं है।