पूर्व डीएम सुहास एलवाई और एसपी बबलू कुमार ने जाम से छुटकारा दिलाने के लिए शहर के बीच बने सभी बस अड्डों को शहर से बाहर कर दिया था। बड़े वाहन शहर में नहीं पहुंच पाते थे, जिससे जाम की समस्या पर कुछ हद तक विराम लगा था।
दोनों अधिकारियों का स्थानांतरण होने के बाद वाहन चालक फिर पुराने पड़ाव अड्डे से सवारी उठाने शुरू कर दिए हैं। मड़ियाहूं पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, बदलापुर पड़ाव, शाहंगज पड़ाव पर फिर से जाम लगना शुरू हो गया है। जाम से राहत दिलाने के लिए नए डीएम और एसपी को पड़ाव अड्डों की भी सुधि लेनी होगी।
दरअसल प्राइवेट बस अड्डों से सवारी भरने के लिए बस और जीप चालक सड़क पर आड़े तिरछे वाहन खड़ा कर सवारी भरते हैं। इसका असर पूरे शहर के यातायात पर पड़ता है।
इस समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए मड़ियाहूं पड़ाव को रेलवे क्रासिंग के आगे कर दिया गया था। इसी प्रकार मछलीशहर पड़ाव को मौजूदा स्थान से हटाकर फैजबाग के पास, बदलापुर पड़ाव को महावीर मंदिर के आगे और शाहगंज पड़ाव को शकरमंडी के पास कर दिया गया था।
हालांकि सिपाह और शाहगंज पड़ाव डीएम सुहास एलवाई के रहते हुए भी नहीं हटाया जा सका था। सिपाह पड़ाव से चलने वाले प्राइवेट बस संचालकों ने डीएम से मिलकर दलील दी थी कि वे पड़ाव के लिए जमीन खरीद लिए हैं। वहां से सवारी भरने पर शहर के यातायात पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्राइवेट बस एसोसिएशन की इस मांग पर डीएम ने उनके साथ नरमी बरती थी, लेकिन बदलापुर पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, मड़ियाहूं पड़ाव, शाहगंज पड़ाव को शहर से बाहर कर दिया गया था। इन पड़ाव से चलने वाले वाहन अपने निर्धारित स्थान से न चलकर पुराने स्थान से ही सवारी उठा रहे हैं। इससे अब फिर जाम की समस्या गहरी होने लगी है।