मुख्य विकास अधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम प्रधान दस हजार रुपये का स्वास्थ्य बजट कुपोषित बच्चों पर खर्च करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि बच्चों का कम वजन होने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जाए।
सीडीओ सिंगरामऊ में बाल विकास सेवा एवं पुष्ठाहार विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विस्तार से कुपोषण पर चर्चा की। विशेष सचिव श्री निवासुलू ने जौनपुर बाल विकास विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यक्रमाें की सराहना की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि जन्म के समय अगर बच्चे का वजन 2.5 किग्रा से कम है तो वह कुपोषित है। सीएमओ डा. दिनेश कुमार यादव ने गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं कुपोषित बच्चों की जांच करके उन्हें दवा देने के निर्देश दिए। ठाकुरबाड़ी संस्था की प्रबन्धक डा अन्जू सिंह ने विशेष सचिव को स्मृति चिन्ह भेंट किया।