एक मासूम बच्ची के साथ रेप कर उसकी हत्या करने वाला आरोपी युवक दो और मासूमों की अस्मत लूट लेता। लेकिन वह मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जिससे दो मासूमों की जिंदगी बच गई।
ह खुलासा खुद दरिंदे दीपक ने पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद स्वीकारा। लोगों ने आरोपी को उस समय दबोच कर पीटने के बाद पुलिस के हवाले किया था जब वह हत्या के बाद मंदिर के पास गांजा पी रहा था।
मालूम हो कि कस्बा निवासी मुंबई में एक हत्या के आरोप में जेल जा चुका दीपक जायसवाल नामक एक युवक सप्ताह भर पहले मुंबई से घर आया था।
बुधवार की शाम करीब सवा चार बजे वह मोहल्ले की तीन बच्चियों को बहला फुसलाकर ले गया। उसने तीनों को फुलकी खिलाई। इसके बाद दो बच्चियों को वापस घर भेज दिया और एक सात वर्षीय बालिका को टाफी दिलाने के बहाने अपने साथ लेकर स्कूल की तरफ चला गया।
जहां उसने बालिका को बाउंड्री के अंदर फेंक दिया और खुद बाउंड्री फांद कर अंदर चला गया। बालिका गिरते ही चिल्लाने लगी लेकिन उसकी आवाज लोगों तक नहीं पहुंच सकी।
उसे एक कमरे में ले जाकर दीपक ने दुष्कर्म किया और उसका गला घोंट कर फरार हो गया। मासूम जब घर नहीं पहुंची तो परिवार वाले परेशान हो गए। उन्होंने बच्चों से पूछताछ शुरू किया तो दोनों बच्चियों ने बताया कि दीपक उसे अपने साथ ले गया था।
लोग दीपक को खोजते एक मंदिर पर पहुंचे जहां वह अपने एक साथी के साथ गांजा का कश लगा रहा था। लोगों ने जमकर उसकी पिटाई की फिर भी उसने कुछ नहीं बताया।
लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ किया तो उसने राज उगल दिया। खुद ले जाकर शव बरामद कराया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस को दिए बयान में दीपक ने स्वीेकारा कि गांजा पीने के बाद वह उन दो बच्चियों को भी अपने हवस का शिकार बनाता।
बहरहाल घटना से ग्रामीणों में गुस्सा है और उधर दरिंदगी का शिकार बच्ची के घर मातम है। गांव की हर आंख में आंसू है। गांव भर में माहौल गमगीन है और घरों में चूल्हे तक नहीं चले। बस घटना की ही चर्चा आम रही।