भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ बृहस्पतिवार को कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। वाजिदपुर तिराहे पर वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर चक्काजाम कर प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका और जौनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ताप्ती गंगा एक्सप्रेस को 45 मिनट तक रोके रखा। इस दौरान भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बताते हुए मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने में पुलिस-प्रशासन को काफी पसीना बहाना पड़ा। उल्लेखनीय है कि भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ कांग्रेस की प्रदेश कमेटी ने बृहस्पतिवार को पूरे प्रदेश में आंदोलन का आह्वान किया था। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए। जिलाध्यक्ष इंद्रभुवन सिंह और शहर अध्यक्ष नियाज ताहिर शेखू की अगुवाई में सुबह करीब साढ़े 10 बजे कार्यकर्ता वाजिदपुर तिराहे पर पहुंच गए। 11 बजे के आसपास कार्यकर्ताओं ने वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
इसी दौरान सदर विधायक नदीम जावेद भी समर्थकों के साथ के साथ सड़क पर बैठ गए। तकरीबन दो घंटे तक चले चक्काजाम के दौरान लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। विधायक ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार गरीबों और किसानों का शोषण कर रही है। जब तक सरकार यह कानून वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव श्याम किशोर शुक्ल, अखिलेश श्रीवास्तव, विजय प्रताप सिंह, विजय शंकर उपाध्याय, राकेश उपाध्याय, खुर्शीद अनवर खान, नीरज राय आदि मौजूद रहे। इसी बीच लगभग 12 बजे प्रदेश सचिव राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के एक समूह ने भंडारी रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ताप्ती गंगा एक्सप्रेस को रोक दिया। झंडा-बैनर के साथ स्टेशन पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने तकरीबन 45 मिनट तक ट्रेन को रोके रखा। इस दौरान अधिकारियों, रेलवे कर्मचारियों और पुलिस के साथ उनकी नोकझोंक भी हुई। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष शिव प्रसाद सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद मिश्र, रत्नाकर सिंह, डा. रवींद्र मिश्र, भानु प्रताप सिंह, बृजेश तिवारी, रमाशंकर गौतम, पूर्व शहर अध्यक्ष परवेज अंसारी आदि रहे।