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थाने में पहुंचकर सुनाई खुद के अपहरण की कहानी, जांच में निकली झूठी

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डोभी। चंदवक थाना क्षेत्र के मनियारेपुर निवासी गौरव पांडेय पुत्र सुरेंद्र पांडेय ने सोमवार रात सैदपुर थाने में पहुंच कर अपहरण कर 50 हजार रुपये नकदी छीन लेने का आरोप लगाकर पुलिस महकमे में खलबली मचा दी। मामले की स्थानीय व सैदपुर पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मामला फर्जी निकला। पुलिस ने आरोप लगाने वाले युवक को हिरासत में लेकर कार्रवाई कर रही है।
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गौरव पांडेय ने सैदपुर पुलिस को बताया कि चंदवक बाजार स्थित डॉ. केएन पांडेय वाली गली में स्कार्पियो सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। वहां से लेकर गाजीपुर की तरफ आए और औडि़हार के पास मेरे पास से 50 हजार रुपये छीन लिए हैं। वहीं पर मौका मिला, दरवाजा खुला था तो मैं कूदकर अपनी जान बचाकर भाग निकला। सैदपुर पुलिस ने घटना की सूचना जब चंदवक पुलिस को दी तो थानाध्यक्ष रमेश कुमार तुरंत हरकत में आ गए। अपने हमराहियों संग सैदपुर पहुंचे और घटना की पूरी जानकारी ली। वहां पर भुक्तभोगी गौरव पांडेय ने बताया कि वह एक व्यक्ति को पहचान गया, वह हटवा गांव निवासी कृष्णकुमार पांडेय था। वह मेरे पड़ोसी शशांक दुबे पुत्र स्वर्गीय हृदयनारायण दुबे का रिश्तेदार है। थानाध्यक्ष उसे साथ लेकर हटवा गांव में दबिश देकर कृष्णकुमार पांडेय को उठा लिया। दोनों को लेकर मनियारेपुर पहुंचे तो शशांक दुबे नहीं मिला, वह वाराणसी गया था। उसकी पत्नी ने अपने मोबाइल से शशांक दुबे से पुलिस की बात कराई। पुलिस ने उसे थाने पहुंचने को कहा। शशांक पहुंचा तो पुलिस ने आमने सामने बैठा कर जांच शुरू की तो मामला फर्जी निकला। अपहरण और लूट की कहानी पुरानी रंजिश के कारण फंसाने के लिए बनाई गई थी। शशांक दुबे ने तहरीर देकर थानाध्यक्ष को बताया कि फर्जी कहानी बनाकर अपहरण कर 50 हजार छीनने का आरोप लगाने से मुझे मानसिक पीड़ा पहुंची है और मेरे मान सम्मान को धक्का लगा है। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर कार्रवाई कर रही है।
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