स्थानीय मछली शहर बाजार से बरईपार को जोड़ने वाली 8 किलोमीटर सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। दो महीने पहले ही इस सड़की की पूरी पैचिंग की गई थी। इस सड़क को बीते एक साल में तीन बार बनाया जा चुका है। लेकिन हालात यह है कि 8 किलोमीटर के सड़क पर 200 से ज्यादा गड्ढे हो चुके हैं।
मछलीशहर से बरईपार जाने वाली इस 8 किलाेमीटर लंबी सड़क पर एक साल में तीन बार पैचिंग और मरम्मत कराई गई। सड़क निर्माण की खराब सामग्री के कारण सड़क टिक नहीं पाई और अब गड्ढों मे तब्दील हो गई। इस रास्ते से रोजाना 5000 से ज्यादा वाहनों का आवागन होता है। इसी मार्ग पर कई बड़े बाजार भी हैं। खराब गुणवत्ता और तकनीक से बनाई गई सड़क का दंश अब क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं। इस मार्ग की दशा यह है कि यदि कोई इमरजेंसी हो तो ग्रामीण क्षेत्रों से मछलीशहर आने में दो घंटे से ज्यादा समय लग जाता है।
मुंगराबादशाहपुर विधायक ने विधान सभा में उठाया था मुद्दा
मुंगराबादशाहपुर के विधायक पंकज पटेल ने विधानसभा में इस सड़क की मरम्मत का मुद्दा उठाया था। साथ ही सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के बारे में भी अवगत कराया था। कहा कि काम और गुणवत्ता ठीक न होने से ही यह सड़क बार बार बनने के बाद भी टूट जा रही है। अगर मानक के हिसाब से बनी होती तो ना टूटती।
आईजीआरएस में चौड़ीकरण का दिया हवाला
स्थानीय नागरिक सतीश दुबे की ओर से जब सड़क को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की तो उसमें चौड़ीकरण के प्रस्ताव का जिक्र किया गया। आईजीआरएस में अधिकारियों ने सड़क खराब होने की कोई जानकारी दी। बल्कि बताया कि सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
वर्जन
इस मार्ग की मरम्मत कराई गई थी। बरसात और अधिक दबाव के कारण सड़क खराब हुई। इस मार्ग का चौड़ीकरण होना था। जिसका प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही काम कराया जाएगा।
- नागेंद्र प्रसाद मौर्या, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी।