गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के गोमती नदी के धर्मापुर घाट पर छेड़खानी के विवाद में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने पीडि़त पक्ष से तहरीर ही बदलवा दी। मृतक के पिता दिनेशचंद्र मौर्य ने पुलिस महानिदेशक समेत अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि थानाध्यक्ष का कहना है कि पीडि़त की तहरीर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। युवक की हत्या का मुकदमा दर्जकर लिया गया है।
जफराबाद थाना क्षेत्र के जमैथा गांव निवासी दिनेशचंद्र मौर्य के बेटे चंदन (21) की हत्या कर उसकी लाश नदी में फेंक दी गई थी। चंदन 18 जून की शाम को ही परिवारवालों से और निषाद बस्ती के लोगों के बीच हुए विवाद की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा था। निषाद बस्ती के लोगों ने जब हमला बोल दिया तो गांव और परिवार के अन्य लोग वहां से भाग निकले लेकिन चंदन निषाद बस्ती के लोगों के बीच फंस गया।
चंदन के परिवार के लोगों ने उसी समय गौराबादशाहपुर थाने जाकर युवक की जान बचाने की गुहार लगाई थी। आरोप है कि पुलिस ने थाने से पीडि़तों को डांटकर भगा दिया था। 19 जून की सुबह उसकी लाश नदी के किनारे पाई गई। उसकी हत्या कर लाश को नदी में फेंक दिया गया था। युवक की लाश मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और चार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्जकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के पिता दिनेश मौर्य ने पहले थाने में तहरीर दी थी कि निषाद बस्ती के लोगों ने उनके बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जबकि पुलिस ने थाने में उनसे दूसरी तहरीर में यह लिखवा लिया कि निषाद बस्ती के लोगों ने जब बेटे को मारने के लिए दौड़ाया तो वह नदी में कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस संबंध में तत्कालीन थानाध्यक्ष सुबोध पवार का कहना है कि थाने में कोई तहरीर नहीं बदलवाई गई है। जो तहरीर मिली है, उसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।