इसके बाद विकास ने अपने चाचा फूलचन्द्र पुत्र मुकादम गौतम (27) और चचेरे भाई मंजेश गौतम पुत्र सूर्यलाल गौतम (18) को बुला लिया। तीनों मिलकर शव को पास के नहर के बगल कुएं में फेंक दिए, जिसका शव 28 जुलाई को कुएं से बरामद हुआ।
एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक दो अगस्त को मृतका के पिता ने दुराचार करने के बाद हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। इधर मोबाइल काल डिटेल्स व अन्य स्तर पर की जा रही जांच के आधार पर पुलिस ने विकास, राहुल, फूलचंद और मंजेश गौतम को गिरफ्तार किया तो पूरी कहानी सामने आ गई।
पुलिस को हत्यारों ने गुमराह करने की खूब कोशिश की। थानाध्यक्ष ओम नारायण सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों में शामिल फूलचंद परिवार के लोगों के साथ तहरीर भी देने गया था, जबकि कुएं में शव मिलने के बाद मंजेश ने शव को बाहर निकलवाने से लेकर पंचनामा तक की कार्रवाई में मदद कर रहा था, ताकि पुलिस और परिवार के लोगों को इसकी भनक तक न लगे।
इतना ही, हत्यारों ने वारदात को मृतका के घर से 500 मीटर दूर अंजाम दिया था। इसके बाद समीप के नहर और सड़क को क्रास कर बगल के कुएं में शव को फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए चाकू को आठ सौ मीटर दूर नहर में फेंका था, ताकि पुलिस को गुमराह कर सके।