रैन बसेरे पर जड़ा ताला, तीमारदार झेल रहे पाला
- जिला अस्पताल में स्थापित दोनों रैन बसेरों में भरा है कबाड़
- अलाव की भी व्यवस्था नहीं ठंड में बाहर बैठ रहे हैं तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। जिला अस्पताल परिसर में बने दो रैन बसेरे ठंड के मौसम में भी किसी काम के नहीं है। दोनों रैन बसेरों पर ताला चढ़ा हुआ है। अंदर रखे बेड, गद्दे और रजाई आदि सड़ रहे हैं। जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ आए तीमारदारों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है। दिसंबर के दस दिन बीतने के बाद भी रैन बसेरा चालू कराने को लेकर जिम्मेदारों की बेपरवाही उनकी संवेदनहीनता को उजागर कर रही है।
185 बेड वाले शहीद उमानाथ सिंह जिला पुरुष अस्पताल में दो रैन बसेरे बने हैं। एक इमरजेंसी वार्ड के बगल में तो दूसरा ब्लड बैंक के सामने है। लेकिन दोनों में से कोई भी रैन बसेरा तीमारदारों के इस्तेमाल में नहीं आ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने रैन बसेरा को कबाड़ खाना बना रखा है। मरीजों के साथ आए तीमारदार दिनभर तो जैसे-तैसे रहते हैं, लेकिन रात होते ही ठिकाना ढूंढने के लिए उन्हें यहां-वहां भटकना पड़ता है। अस्पताल में अभी तक अलाव की भी व्यवस्था नहीं हो पाई है। इससे तीमारदार रात भर टहलते रहते हैं या फिर अस्पताल के खुले बरामदे में रात बिताते हैं।
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वर्जन...
जिला अस्पताल में दो रैन बसेरे हैं। दोनों में रखे कबाड़ को हटाकर कमरे की सफाई कराने को कहा गया है। जल्द ही इसे चालू कर दिया जाएगा। रैन बसेरा में ठंड से बचाव के लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी। -डॉ. अभिमन्यु कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर।