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दर्दनाक: जयमाल के समय दूल्हे के पिता को पड़ा दिल का दौरा, डोली से पहले ससुर की उठ गई अर्थी

Tue, 25 May 2021 11:51 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

घटना मछलीशहर के रामपुर कला गांव की है, यहां पर सिकरारा क्षेत्र के अलीशाहपुर गांव से बरात पहुंची थी। इस दौरान जयमाल का कार्यक्रम चल रहा था। तभी दूल्हे के पिता को दिल का दौरा पड़ गया। अस्पताल को ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के एक गांव में डीजे बज रहा था कुछ घराती और बराती डांस कर रहे थे। भोजन व नाश्ता भी चल रहा था। स्टेज पर वर-वधू एक दूसरे के गले में जयमाल डाल चुके थे। आशीर्वाद देने का कार्यक्रम चल रहा था। महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। तभी दूल्हे के पिता अचानक जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में लोग उन्हें मछलीशहर सीएचसी ले जाने के लिए निकल पड़े। इस बीच रास्ते में उनकी मौत हो गई। साथ के लोग उनके शव को लेकर आलीशाहपुर चले आए।

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उधर, यह मनहूस खबर जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तो खुशी का माहौल गम में बदल गया। कुछ संभ्रांत नागरिकों की सलाह पर जयमाल के स्टेज पर ही घरातियों ने सिंदूरदान की रस्म अदा कराते हुए दुल्हन की विदाई कर अपने गांव की सरहद पार करवा कर फिर उसे वापस मायके पहुंचवा दिया। इसके बाद बचे रह गए बराती दूल्हे को साथ लेकर घर चले आए। भोर में ही राम घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

यह दुखद घटना सिकरारा क्षेत्र के अलीशाहपुर से गई एक बरात की है। दुल्हन की डोली उठने से पहले ही ससुर की अर्थी उठ गई। उक्त गांव निवासी रविन्द्र यादव(55) के पुत्र सुशील कुमार यादव की शादी मछलीशहर के रामपुर कला गांव निवासी रामकुमार की पुत्री आरती से तय हुई। सोमवार को तय समय पर लोग बरात के साथ दुल्हन के गांव पहुंचे। हंसी खुशी द्वारचार संपन्न होने के बाद जयमाल शुरू हुआ।

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उसी समय हृदय विदारक घटना घट गई। जिससे दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। लोगों ने बताया कि दूल्हे के पिता रविन्द्र यादव की तबीयत पहले से ही खराब चल रही थी। वह शुगर और ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे। उनका इलाज चल रहा था। उनके परिजन बरात में उन्हें नहीं जाने दे रहे थे, लेकिन बेटे की शादी देखने की ललक थी, इसलिए वे नहीं माने और चले गये। वहीं उनको दिल का दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। रविंद्र की मौत से पत्नी राजकुमारी और तीन बेटों बृजेश, मुकेश व सुशील का रो-रो कर बुरा हाल है।
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