करंजाकला। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बसीरपुर गांव में मेहंदी लगाकर दूल्हे के इंतजार में बैठी दुल्हन के चरित्र पर सावल उठाते हुए दूल्हे ने शादी से इन्कार कर दिया। जयमाल की रस्म से पहले ही वह भाग गया। हालांकि सुबह होते ही ग्रामीणों ने उसे धर दबोचा। दूल्हे समेत उसके भाई वह पिता को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में सुलह समझौता कराया। 21 घंटे बाद खर्च की भरपाई करने पर ग्रामीणों ने उन्हें छोड़ा।
पुलिस के मुताबिक सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गांव में बेटी की शादी के लिए तय समय रविवार को बरात पहुंची। जयमाल की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान बरातियों की तरफ से आई कुछ महिलाओं ने चचेरे भाई को दुल्हन को गोद में उठाते देख लिया। इसका वीडियो बनाकर महिलाओं ने दूल्हे को भेज दिया। इससे नाराज दूल्हा जनवासे से ही भाग गया। सूचना मिलने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्होंने तत्काल दूल्हे के भाई और पिता को बंधक बना लिया। वहीं दूल्हे की खोजबीन की जाने लगी। सुबह होते-होते ग्रामीणों ने गांव के बहार से दूल्हे को धर दबोजा। बंधक बनाने की सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस की भी नहीं सुनी और पुलिस लौट गई। कुछ समय बाद पुलिस बल दोबारा बसीरपुर गांव में पहुंचकर सुलह समझौता का प्रयास करती रही। दूल्हे ने आरोप लगाया कि दुल्हन का किसी से संबंध है। इस कारण उसने शादी से इन्कार किया है। लड़की के पिता ने बताया कि उसकी पुत्री बेहोश हो गई थी, इसलिए उसका चचेरा भाई उसे गोद में उठाकर बाहर की तरफ ले जा रहा था। ग्रामीण और रिश्तेदार दूल्हा पक्ष को समझाने का प्रयास करते रहे। शादी की रस्में भी नहीं पूरी हो पाईं। चरित्र पर सवाल उठने के बाद लड़की का रो-रो कर बुरा हाल रहा। वही लड़की पक्ष दहेज में दी हुई रकम और शादी में खर्च की भरपाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस व ग्रामीणों को समझाने पर लगभग 21 घंटे बाद शादी में खर्च हुई रकम और दहेज में दिए गए पैसे देने पर ग्रामीणों ने उन्हें बंधक मुक्त किया। थाना प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्ष को समझने के बाद सुलह समझौता हुआ है। वहीं किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलती है तो बंधक बनाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।