जौनपुर। सब्जियों की महंगाई ने भोजन का जायका बिगाड़ दिया है। हरी सब्जियों की अधिक कीमतें सेहत के लिए भी भारी हैं। बारिश की वजह से हरी सब्जी की फसल तहस-नहस हो गई हैं। नई सब्जियां तैयार नहीं हो पाई हैं। इससे कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
बाजार में हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। परवल और बोड़ा आदि हरी सब्जियों के दाम 120 रुपया किलो पहुंच गए हैं। 12 से 15 रुपये किलो में बिकने वाले आलू 20 रुपये किलो के भाव से बिक रहा है। महंगाई के चलते दुकानों और ठेलों पर भी सब्जियां कम मात्रा में दिख रही है। व्यापारियों को भरोसा है कि कुछ दिन बाद बाजारों में रौनक लौटेगी और सब्जियों के दाम में गिरावट आएगी। जिससे हर किसी को राहत मिलेगी।
पैकिंग युक्त सब्जी की सप्लाई करने वाली कंपनी वेब मंडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवम श्रीवास्तव का कहना है कि बारिश की वजह से सब्जी की फसल खराब हो गई है। हालात धीरे - धीरे सुधर रहे है। प्याज, टमाटर के दाम में गिरावट आने लगी है। सब्जी बिक्रेता संजय सोनकर बाजार में आवक घटने के कारण सब्जियों की कीमत बढ़ गई है। बारिश के कारण किसानों की फसल चौपट हो चुकी है। हालत यह है कि मंडी में थोक में बिकने वाली सब्जी और दुकान पर बिकने वाली सब्जी में कोई खास अंतर नहीं है। पालिटेक्निक चौराहे के सब्जी व्यापारी नीबूलाल का कहना है कि बारिश शुरू होने के पहले सब्जियां काफी सस्ती थी लेकिन लगातार बारिश के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है।