हत्या के प्रयास एवं अपहरण के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के जज बलराज सिंह ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए मंगलवार को खुले न्यायालय में दस वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना तीन साल पूर्व की है। इस मामले में बक् शा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
अभियोजन कथानक के अनुसार, बक्शा थाना क्षेत्र के मई गांव निवासी बबलू गुप्ता ने बक्शा थाने में केस दर्ज कराया था कि 14 अप्रैल 2014 की रात आठ बजे गांव का ही आरोपी तूफानी उसे सिंगरामऊ से होते सिकरारा थाना क्षेत्र के मंसले गांव ले गया। नहर एवं तालाब के किनारे झाड़ी के पास मेरे गांव का संजय उर्फ टिन्नी व एक अन्य व्यक्ति मिले और मुझे मारने लगे। जान से मारने की नियत से रस्सी से मेरा गला कसकर गला दबा दिया। इसके चलते मेरे मुंह से खून निकलने लगा। मुझे मरा समकर लोगों ने झाड़ी में फेंक दिया। चार घंटे बाद होश आया तो पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता इंन्द्रसेन सिंह व राजनाथ चौहान ने छह गवाह कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्को को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी मई निवासी तूफानी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास एवंम पांच हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।