जनपद में लगातार दो दिन 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान में बुधवार को पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। इससे लोगों को तेज धूप से कुछ राहत तो मिली, लेकिन प्रचंड गर्मी से राहत नहीं मिली।
इन दिनों अप्रैल में मई-जून में पड़ने वाली गर्मी का अहसास हो रहा है। दोपहर में तो सड़कों पर इक्का दुक्का वाहन ही नजर आते हैं। गर्मी के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जा रहा है। अधिकाधिक तालाब सूखने के कारण जलीय जीव, पशु और पक्षियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सात अप्रैल से लेकर 12 अप्रैल तक गर्मी काफी बढ़ गई थी। 12 और 13 अप्रैल को तो अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस तक था। इससे दिक्कत बढ़ गई थी। हालांकि दो दिन बाद तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा में तैनात मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कन्नौजिया ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं, 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। उधर, बच्चे व युवा नदियों और तालाबों में जल क्रीड़ा करते नजर आए।