वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय मे संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में गोल्ड मेडल पाने वाले अधिकांश छात्र उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रोफेसर बनना चाहते हैं। उनमें से कई आईएएस बनने की भी तमन्ना रखते हैं।
अधिक ांश छात्रंो की इच्छा है कि वह पीएचडी व नेट करके उच्च शिक्षण संस्थान में शिक्षक के पद पर तैनात होंगे या फिर आईएस व आईपीएस बन कर देश की सेवा करेंगे। गोल्ड मेडल पाने वाले छात्रंों से बात की गई तो उनकी
भावनाएं सामने आई।वनस्पति विज्ञान में मेडल पाने वाली छात्रा आकांक्षा सिंह का कहना है कि वह रिसर्च करके उच्च शिक्षण संस्थान में प्रोफेसर बनना चाहती हैं। गोल्ड मेडल पाकर वह काफी उत्साहित हैं।
भौतिक विज्ञान में मेडल पाने वाली जया श्रीवास्तव का कहना है कि वह नेट की परीक्षा पास कर डिग्री कालेज में शिक्षक बनना चाहती हैं। गरिमा का कहना है कि वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रही हैं।
आईएएस बन कर देश की सेवा करना चाहती हैं। इलेक्ट्रानिक कम्युनिकेशन में गोल्ड मेडल पाने वाले पीयूष मिश्र इलेक्ट्रोमैगनेटिकविषय पर शोध करना चाहते हैं।
भूगोल विषय में मेडल पाने वाली पूजा सिंह भी पीएचडी करके शिक्षक बनना चाहती हैं। दिव्याशी यादव सिविल सर्विस की तैयारी करेंगी। उन्हें आईएएस बनना हैं।
बलवंत साहनी इंजीनियरिंग सर्विस(आईईएस) मेंजाना चाहती हैं। मनोविज्ञान मेंमेडल पाने वाली शालिनी श्रीवास्तव और कामर्स में मेडल पाने वाली फराह अमजद रिचर्स करकें शिक्षक बनना चाहती हैं। दर्शन शास्त्र में मेडल पाने वाले शुभम पांडेय आईपीएस बन कर देश की सेवा करना चाहते हैं।