जौनपुर। केराकत के अमिहित स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर आयोजित गोष्ठी में किसानों को धान की नर्सरी डालने के साथ बीज के शोधन और पैदावार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। क्षेत्र के 100 किसानों को धान की प्रजाति पीटी 5204 (सांभा मंसूरी) का आधारीय बीज 5 किलोग्राम का पैकेट सभी किसानों को दिया गया।
राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान पूसा नई दिल्ली और नंद एजुकेशनल फाउंडेशन फार रूरल डेवलपमेंट (नेफोर्ड) संस्थान लखनऊ की ओर से आयोजित गोष्ठी में धान की पैदावार बढ़ाने पर बल दिया गया। वैज्ञानिक डा. नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने पूर्व कुलपति डा. कीर्ति सिंह के हाथों किसानों को बीज वितरित कराया। शस्य वैज्ञानिक डा. एके सिंह ने कहा कि धान की यह प्रजाति 125-130 दिन की है। 50-55 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार है। प्रक्षेत्र प्रबंधक वीके सिंह ने धान की नर्सरी प्रबंधन, बीज शोधन स्ट्रोटोसाइकलिन व कापर ऑक्सी क्लोराइड अथवा ट्राइकोडरमा का प्रयोग करने की सलाह दी। दिनेश कुमार ने मृदा परीक्षण कराकर धान की रोपाई करने की सलाह दी। इस मौके पर किसान रामाश्रय, अजय कुमार, राजकुमार राम, इंद्रसेन, सुबाष, राजेन्द्र, हरिवंश, विनय कुमार, चंद्र शेखर, आदि मौजूद रहे।