सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में संशोधन की मांग को लेकर आंदोलित कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के लोगों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोग की रिपोर्ट को फूंकने के साथ विरोध प्रदर्शन किया।
उत्तर प्रदेश कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट शिक्षक कर्मचारियों के हित में नहीं है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिश वापस नहीं ली गई तो यह संघर्ष सड़क से संसद तक पहुंचेगा।
इस आंदोल को अंजाम तक पहुंचाए बिना चुप नहीं बैठेंगे। संयोजक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ धोखा है। अगर आयोग की यह सिफारिश वापस नहीं ली गई तो इसका अंजाम केंद्र सरकार को भुगतना होगा।
अध्यक्ष ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली 4600 ग्रेड पे पर न्यूनतम वेतनमान 17140 और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट संशोधन सहित अन्य मांगों के समर्थन में 14 जुलाई को जिला मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन होगा।
इस मौके पर लालसाहब यादव, रमाशंकर पाठक, रविचंद्र यादव, शिवेंद्र सिंह रानू, मो. असलम, डा. अतुल प्रकाश, विरेंद्र सिंह, रामदुलार यादव, लक्ष्मीकांत सिंह, सुनील यादव, डा.ईश्वरलाल यादव, डा. शंकराचार्य तिवारी, उमेश मिश्र, संजीव सिंह, धर्मेंद्र यादव, नारायण चौरसिया, अरविंद यादव, सोम वर्मा आदि मौजूद थे।
उधर, कालीकुत्ती स्थित अटेवा पेंशन बचाओ मंच की बैठक शुक्रवार को हुई। जिसमें सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा की गई। बैठक में डा. उदय सिंह, आनंद उपाध्याय अमरेश सिंह, मनोज पाल, सौरभ शुक्ला आदि मौजूद थे। संचालन विनय सरोज ने किया।