करंजाकला। उमानाथ सिंह राजकीय मेडिकल कालेज सिद्धीकपुर में काम कर रहे श्रमिकों का भुगतान नहीं किए जाने पर काम पर तैनात सुपरवाइजर और श्रमिकों ने प्रदर्शन कर हंगामा किया। प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन करने सुपरवाइजर और श्रमिकों ने प्रधानाचार्य पर तानाशाही बरतने का आरोप लगाया। आरोप है कि प्रधानाचार्य ने पुलिस को बुलाकर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर सभी को लौटा दिया। नाराज सुपरवाइजर ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा में तैनात 30 श्रमिक और उनके सुपरवाइजर का पिछले 18 महीने का लगभग 25 लाख 82 हजार 566 रुपये मानदेय बकाया है। भुगतान के लिए जब भी वह जिम्मेदार लोगों के पास जाते हैं तो कल का भरोसा दिलाकर उन्हें लौटा देते हैं। मंगलवार को भी श्रमिकों ने अपने सुपरवाइजर के साथ बकाया मानदेय भुगतान के लिए निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर के पास पहुंचे थे। फिर उन्हें बहाना बनाकर लौटाया जाने लगा। इससे नाराज सुपरवाइजर व सुरक्षा गार्डों ने प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. शिवकुमार ने पुलिस बुला लिया। श्रमिक पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देते हुए लौटा दिया। श्रमिक प्रधानाचार्य की कार्यशैली से नाराज है और शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी हैं। मौके पर पहुंचे सरायख्वाजा थाना प्रभारी देवानंद रजक और पूर्वांचल चौकी इंचार्ज बृजेश गुप्ता ने मामले को शांत कराया। प्रदर्शन के दौरान दीपक पांडेय, राधा कृष्ण, महेंद्र सिंह, जय प्रकाश यादव, संतोष यादव, हवलदार, रवि मिश्रा, मनोज कश्यप, सूर्यनाथ यादव, अंगद सिंह आदि सम्मिलित रहे।