शरीर को जला देने वाली धूप से बचने के लिए सोमवार को चेहरा ढक कर निकले लोग।
अप्रैल में ही इतना अधिक तापमान बढ़ने से स्कूल जा रहे बच्चों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। दिन निकलते ही सूरज की तपिश बढ़ जाती है, तापमान 30 से 40 डिग्री पार कर जाता है।
स्कूलों की मनमानी जारी है, सुबह 9 बजे से 2 तक स्कूल खोले जा रहे हैं। स्कूल से छुट्टी के समय तापमान बढ़कर 40 के पार हो जाता है। अधिकतर बच्चे बीमारी के चपेट मे आ जा रहे है।
ज़िला प्रशासन का कोई भी आदेश यहां के प्राईवेट स्कूलों पर लागू नहीं होता है। फीस से लेकर स्कूलों का संचालन में घोर मनमानी की जा रही है। गर्मी से राहत के लिए स्कूलों में कोई व्यवस्था भी नहीं है, पंखे लगे है लेकिन चलाए नहीं जाते हैं।
अभिभावको का कहना है कि छोटे बच्चों के स्कूल बन्द होने का समय निर्धारित किया जाए। सुबह 7 से 10 बजे तक ही चलाया जाए। जो भी स्कूल आदेश का पालन न करे उसकी मान्यता तक रद्द कर देनी चाहिए। स्कूल के बसो में बच्चों को भूसे की तरह भरा जाता है जाम की स्थित मे बच्चों की तबियत बिगड़ जा रही है।