जौनपुर। जौनपुर से विंध्याचल की दूरी महज 77 किलोमीटर है। इतनी दूरी तय करने में छह घंटे से अधिक का वक्त लगता है। इसकी वजह जौनपुर की सीमा में जगह-जगह लगने वाला जाम है। कोई ऐसा दिन ऐसा नहीं होता जब जाम न लगे और लोगों को उसमें फंसकर परेशान न होना पड़े। रोजाना इस मार्ग पर 20 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। इससे ज्यादातर लोग विंध्य धाम जाते हैं।
जौनपुर के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़ , अयोध्या , फैजाबाद, गोंडा और बहराइच हजारों श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने जौनपुर-मिर्जापुर मार्ग से ही जाते हैं। रोजाना 20 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से जाते हैं। जौनपुर में मड़ियाहूं ओवरब्रिज पिछले पांच वर्षों से निर्माण होने की वजह से वाहनों को कचगांव के रास्ते भेजा जा रहा है। जौनपुर से भदोही सीमा पर पचवल धौरहरा तक की दूरी तकरीबन 50 किमी और विंध्याचल तक की दूरी 77 किलोमीटर है। जौनपुर की सीमा में 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को पांच घंटे तक का वक्त लग जाता है। जौनपुर शहर के कन्हईपुर, रेलवे क्रासिंग, रामदयालगंज के आगे सकरा पुल, मड़ियाहूं रेलवे क्रासिंग, बसुही नदी पर सीरगांव में पुल और भदोही सीमा पर धौहरहरा पुल ऐसे प्वाइंट हैं, जहां अक्सर वाहन फंस जाते और थोड़ी देर में ही लंबा जाम लग जाता है। जाम लगने की वजह से हर रोज लोगों को चार से पांच घंटे का समय नष्ट हो जा रहा है। बच्चों के स्कूल खुल गए हैं। जौनपुर शहर में जमालापुर तक से बच्चे बसों से आते-जाते हैं। यही स्थिति रही तो समय से बच्चों का पहुंचना मुश्किल होगा।
क्या कहते हैं लोग
मड़ियाहूं। स्थानीय चिल्ड्रेन गाइड हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक स्वर्ण सिंह ने कहा कि स्कूल की छुट्टी के समय रेलवे गेट बंद होने की वजह से स्कूली बसें फंस जाती है। बच्चों को स्कूल से घर पहुंचने में दो से तीन घंटे का वक्त लग जाता है। गोदान एक्सप्रेस ट्रेन की क्रासिंग के दौरान यदि रेलवे गेट पर दो पुलिसकर्मी लगा दिए जाएं तो गेट पर लगने वाले जाम से कुछ हद तक निजात पाई जा सकती है। बाईपास पर स्थित व्यवसायी प्रेम पटेल का कहना है कि रामदयालगंज सई नदी पर जो पुल है काफी संकरा है। ट्रक पुल पर फंस जाते है। ऐसे में थोड़ी देर में ही वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। उन्होंने कहा कि बाबतपुर - कपसेठी मार्ग पर जबसे ट्रक को आवागमन बंद हुआ है। इस रूट पर ट्रकों का दबाव बढ़ने के बाद से ही जाम के हालात पैदा हुए हैं। राजेश कुमार का कहना है कि हर समय जाम लगने से व्यापार चौपट हो रहा है। जाम की तरफ मड़ियाहूं पुलिस ध्यान नहीं देती। पुलिस को जाम से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में लोगों को फंसकर परेशान होना पड़ता है।
बढ़ गया प्राइवेट वाहनों का किराया
रामपुर। भदोही- जौनपुर मार्ग पर जाम की वजह से प्राइवेट वाहनों ने अपना किराया बढ़ा दिया है। रामपुर से मड़ियाहूं तक 14 किमी की दूरी के लिए 30 रुपये, जमालापुर से मड़ियाहूं छह किमी 20 रुपये, रामपुर से जौनपुर 39 किमी की दूरी का किराया 50 रुपये से अधिक प्राइवेट वाहन वसूलने लगे हैं। रोडवेज की बसों का संचालन इस मार्ग पर लगभग बंद ही कर दिया गया है। दो से तीन रोडवेज बसें ही इस रूट पर संचालित की जा रही हैं।।
तजौनपुर - रामपुर रूट पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। इसके वजह से आए दिन जाम लग जाता है। कई स्थानों पर पुल सकरा होने की वजह से वाहन एक साथ क्रास नहीं कर पात े है। यातायात पुलिस अपने स्तर से जाम न लगे पूरा प्रयास कर रहीं है। इधर कुछ कमी भी आई है।
विजय प्रताप सिंह
यातायात प्रभारी