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Jaunpur News: मुकदमे में नाम बढ़ाने के लिए 10 हजार घूस लेते दरोगा गिरफ्तार

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रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम वाराणसी द्वारा गिरफ्तार मड़ियाहूं कोतवाली के उपनिरीक्षक राम आसरे।-
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मड़ियाहूं। एंटी करप्शन वाराणसी मंडल की टीम ने मड़ियाहूं थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए बृहस्पतिवार रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मड़ियाहूं कस्बे में एक चाय की दुकान पर की गई। उपनिरीक्षक पर मारपीट के एक मुकदमे में अन्य आरोपियों के नाम बढ़ाने लिए रिश्वत मांगने का आरोप था।
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एंटी करप्शन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के ककराही निवासी गोविंद सिंह ने 8 जुलाई को लिखित शिकायत की थी कि उनके भतीजे अमन सिंह से संबंधित मारपीट के केस की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति अन्य लोगों के नाम मुकदमे में जोड़ने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप था कि रिश्वत न देने पर मुकदमे को कमजोर करने और आरोपियों के नाम न बढ़ाने की धमकी भी दी जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। गोविंद सिंह के माध्यम से उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को मड़ियाहूं कस्बे में मौर्या टी स्टाल पर बुलाया गया।
एंटी करप्शन वाराणसी टीम भी शिकायतकर्ता के साथ मौके पर पहुंच गई। उपनिरीक्षक ने गोविंद सिंह से जैसे ही 10 हजार रुपये रिश्वत के नोट लिए, टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से रिश्वत के नोट बरामद किए गए। मौके पर ही उसके हाथ धुलवाए गए तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। गिरफ्तार उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र का निवासी है। वर्ष 1989 में आरक्षी के पद पर भर्ती हुआ था । वर्ष 2023 में उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नती मिली थी। इस मामले में जलालपुर थाने में आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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