तहसील परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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ये है पूरा मामला
गुरुवार को सुबह तहसील आए वकीलों को जब घटना की जानकारी हुई तो वे आक्रोशित होकर तहसील के मुख्यद्वार पर पहुंचे और एस डी एम का वाहन रोक दिया।जब ड्रॉइवर गाड़ी आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो अधिवक्ता गाड़ी के आगे बैठ गए।
अंततः उपजिलाधिकारी कुमार सौरभ वाहन छोड़कर पुलिस संरक्षण में पैदल ही कार्यालय पहुंचे। मामला बढ़ता देख क्षेत्राधिकारी गिरेंद्र सिंह ने सर्किल के थाने की फोर्स बुला ली। उधर, अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए न्यायालयो में घूमकर काम काज ठप करवा दिए। पूरे दिन तहसील में गहमागहमी का माहौल बना हुआ था।
दोपहर बाद एसडीएम द्वारा बार के अध्यक्ष जगदम्बा प्रसाद मिश्र एवं महामंत्री वेद प्रकाश श्रीवास्तव के साथ वार्ता कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ उपजिलाधिकारी कुमार सौरभ का कहना है कि एक माह से लगातार अधिवक्ताओं से न्यायालय के बरामदा में रखी गई कुर्सी मेज हटाने के लिए कहा जा रहा है। बुधवार को न्यायालय में बार के दोनों पदाधिकारियों से बरामदा खाली कराने को लेकर वार्ता हुई है फिर भी कुर्सी मेज नहीं हटाई गई। बहरहाल बार के पदाधिकारियों से गुरुवार को दोपहर बाद हुई वार्ता में तहसील की पुरानी बिल्डिंग में अधिवक्ताओं को जगह दी जा रही है, बरामदा खाली रखना है।