पचहटियां में बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार करने की लागत 40 करोड़ रुपये बढ़ा दी गई है। इसके लिए 246 करोड़ रुपये की संशोधित डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई है। इस तरह से अब प्रोजेक्ट की लागत 246 करोड़ हो गई है। इसके पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 206 करोड़ स्वीकृत हुए थे। एसटीपी के निर्माण के लिए यह धनराशि कम पड़ रही थी। जिसे देखते हुए कार्यदायी संस्था जल निगम ने संशोधित डीपीआर तैयार करके मंजूरी के लिए चार दिन पहले ही शासन को भेजा है।
आदि गंगा गोमती को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार ने अक्टूबर 2019 में नमामि गंगे योजना शुरू की। इसके तहत शहर से निकलकर गोमती नदी में गिरने वाले गंदे जल को रोकने के लिए एसटीपी लगाने की योजना बनाई गई। इसके लिए शासन से 206 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके तहत 6.9 किमी. बड़ा सीवर पाइप लाइन डालने, 30 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के निर्माण के अलावा चार पंपिंग स्टेशन बनाने का कार्य किया जाना था। इस कार्य को करने की जिम्मेदारी जल निगम को दी गई है। इस कार्य को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2021 की तिथि निर्धारित की गई। कार्यदायी संस्था ने कार्य कराना शुरू किया, लेकिन जितनी धनराशि स्वीकृत हुई है, उससे एसटीपी के निर्माण का काम पूरा नहीं हो पा रहा था। अब कार्यदायी संस्था ने कार्ययोजना की लागत 40 करोड़ बढ़ाकर 246 नई विस्तृत कार्ययोजना स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्तावित की है। जिसमें चार स्थानों पर 2.1 किमी ट्रेंचलेस विधि से पाइप डालने और पांच और पंपिंग स्टेशन बनाने के प्रस्ताव शामिल हैं।
जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता का कहना है कि एसटीपी के निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि कम पड़ रही थी। जिससे इसका निर्माण पूरा नहीं हो सकता था। धनराशि कम पड़ने के कारण कार्ययोजना की लागत 40 करोड़ और बढ़ा दी गई है। कुल 246 करोड़ की संशोधित कार्ययोजना चार दिन पहले शासन को प्रस्तावित की गई है। अब तेजी से कार्य कराए जा रहे हैं, ताकि तय समय में कार्य पूरा किया जा सके।
संशोधित डीपीआर में बढ़े यह कार्य
कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से भेजे गए संशोधित कार्ययोजना में कई नये कार्य बढ़े हैं। इसके तहत शहर के चार भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ट्रेंचलेस विधि से सीवर पाइप लाइन डाली जानी है। जिसमें किला चौराहे से लेकर सिपाह चौराहा और अयान नाले से लेकर एसटीपी तक 1400 मीटर, बदलापुर पड़ाव से सद्भावना तिराहे तक 400 मीटर तथा एक्सिस बैंक से मियांपुर रोड तक 300 मीटर तक ट्रेंचलेस सीवर पाइप लाइन डाली जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा पांच और पंपिंग स्टेशन भी बनाने का प्रस्ताव है। जिसमें तुतीपुर, मलवन टोला व मुफ्ती मोहल्ला को मिलाकर एक पंपिंग स्टेशन तथा अंचला देवी, किला, जोगियापुर और कटघर में एक -एक पंपिंग स्टेशन और बनाने का प्रस्ताव शामिल है।
पौने दो साल में 40 फीसदी हुए हैं कार्य
जौनपुर। एसटीपी के निर्माण के लिए अभी तक 40 फीसदी ही कार्य हो पाए हैं, जबकि पौने दो साल का समय बीत चुका है। अब इसके निर्माण को पूरा करने के लिए चार माह से कुछ ज्यादा समय है। जिसमें 60 फीसदी कार्य पूरा किए जाने हैं। इसके लिए जिम्मेदार कोरोना संक्रमण की आड़ लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।