मछलीशहर। बिजली उपभोक्ताओं को वास्तविक यूनिट से कम मीटर रीडिंग दिखा कर और एक ही लोकेशन से सैकड़ों फर्जी बिलिंग करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एक्सईएन विद्युत रामानंद मिश्रा ने बिलिंग एजेंसी का चार लाख 52 हजार का भुगतान रोक दिया।
अधिशासी अभियंता विद्युत रामानंद मिश्रा ने बताया कि डोर टू डोर मीटर रीडिंग, बिल वितरण और धनराशि संग्रह का कार्य आंध्र प्रदेश की मेसर्स स्टर्लिंग टेक्नोलॉजी इन सर्विसेस को दिया गया है। लेकिन शिकायत मिली कि कंपनी के कर्र्मचारी एक ही स्थान से बिल निर्गत कर दे रहे। शिकायत की जांच अवर अभियंता अभिषेक केशरवानी ने की। इसमें 112 ऐसे उपभोक्ता मिले, जिनकी मीटर रीडिंग मौके पर जाकर नहीं की गई थी। इसी प्रकार बिलिंग कंपनी के मीटर रीडरों ने उपभोक्ताओं से सांठगांठ करके उनकी वास्तविक रीडिंग से कम दिखाकर बिल जमा करा दिया। इस प्रकार की स्टोर रीडिंग के आरोप में बिलिंग एजेंसी का 2 लाख 28 हजार रुपये और एक ही लोकेशन से बिल निर्गत किए जाने की शिकायत जांच सही पाई गई। इसके बाद कंपनी का कुल चार लाख 52 हजार का बिल रोक दिया गया।