30- सिद्दीकपुर स्थित सेंटजॉन्स स्कूल में गौरैया के संरक्षण के लिए स्कूल परिसर में जगह जगह गौरेया क?
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करंजाकला। सेंट जांस स्कूल सिद्दीकपुर के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने गौरैया संरक्षण के लिए पहल करेंगे। विद्यालय परिसर में जगह-जगह गौरैयों के लिए गौरैया गृह (घोंसला) लगवाया।
उन्होेंने कहा कि गौरेया विलुप्त प्राय सी हो गईं हैं। शहरीकरण एवं पेड़ों के कटने से घरों के आंगन में फुदकने और चहकने वाली गौरेया देखने को नहीं मिल रही है। ऐसी स्थिति में गौरेया-संरक्षण के लिए यह कदम एक मिसाल कायम करेगी। पशु-पक्षियों को ईश्वर ने मनुष्यों से पहले बनाया। प्रभु ने मनुष्यों को विचारशील, विवेकी, दयालु बनाया ताकि मनुष्य जीव-जंतु , पशु-पक्षियों, नदी-तालाबों आदि का संरक्षण कर सके। पशु-पक्षियों एवं जीव-जंतु के साथ मानव का गहरा संबंध है। एक के रहने पर दूसरे का जीवन सुखी एवं आनंददायक होगा। प्रकृति ने हमें हरे-भरे वृक्ष,चहचहाते पक्षी, कल-कल करती नदियाँ, गगनचुंबी पर्वत, हरी-भरी घाटियां आदि प्रदान किया ताकि हम आनन्दित रह सकें। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक पीएस यादव, नीरज मिश्र, प्रवीण उपाध्याय,अरविंद मिश्र,परवेज अहमद, सौरभ सिन्हा, नीलम मिश्रा, चंचल सिंह आदि उपस्थित रहे।