केराकत (जौनपुर)। प्रतापगढ़ के मोलनापुर गांव निवासी शैलेश गौतम उर्फ अर्जुन की पुलिस अभिरक्षा में हुई संदिग्ध मौत के मामले में राजनीति गर्मा गई है। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे केराकत से सपा विधायक तूफानी सरोज को शुक्रवार रात नौ बजे पुलिस ने घर पर नजर बंद कर दिया। विधायक के आवास के बाहर 24 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। करीब 18 घंटे तक विधायक पुलिस पहरे में घर पर ही रहे। दोपहर करीब तीन बजे पुलिस के हटने के बाद विधायक ने कहा कि उनकी बेटी व सांसद प्रिया सरोज भी घर पर थीं। उनको भी नजर बंद रखा गया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार को 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मोलनापुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात करनी थी। प्रतिनिधिमंडल में केराकत विधायक तूफानी सरोज भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल को अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भी सौंपनी थी। विधायक को नजर बंद किए जाने की जानकारी मिलते ही उनके आवास पर समर्थकों की भीड़ जुट गई। विधायक ने कहा कि पुलिस कस्टडी में एक युवक की मौत हो गई और पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे जनप्रतिनिधियों को रोका जा रहा है। कहा कि यह सिर्फ एक विधायक को रोकना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार की आवाज दबाने की कोशिश है।