सीआरओ ने मछलीशहर एसडीएम ज्योति सिंह व अधिशासी अधिकारी बृजकिशोर सिंह गौड़ को नाले से अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था। जिस पर ईओ ने 23 मार्च को डा. मनोज को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। वहीं, एसडीएम ने भी हल्का लेखपाल से नाले की भूमि चिह्नित करने को कहा तथा डा. मनोज यादव को सभी अभिलेखों के साथ कार्यालय में तलब किया।
इस बीच बृहस्पतिवार को हॉस्पिटल के बाहर जेसीबी देखकर सपा प्रत्याशी ने प्रशासन पर जबरन चारदीवारी व हास्पिटल गिराने का आरोप लगाया। कहा कि प्रशासन राजनीतिक द्वेषवश कार्रवाई कर रहा है। मुझ पर पर्चा वापस लेने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है।
जौनपुर में सपा एमएलसी प्रत्याशी डा. मनोज कुमार यादव के अस्पताल के पास खड़ी जेसीबी।
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इस मामले को लेकर सपा ने 55 सेकेंड का एक वीडियो ट्वीट किया, साथ ही लिखा है कि भाजपा शासन में सरेआम घोंटा जा रहा लोकतंत्र का गला! जौनपुर से सपा के एमएलसी प्रत्याशी डा. मनोज कुमार यादव अपना प्रचार न कर सकें, इसके लिए प्रशासन द्वारा उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। यह घटना बेहद शर्मनाक है। मामले का तत्काल संज्ञान ले कार्रवाई करें।
सपा के ट्वीट के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। लेखपाल दीपक सिंह से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। इसमें कई बड़ी बातें सामने आई हैं। सीआरओ ने बताया कि बंजर जमीन की फर्जी इंट्री कराई गई है। वह भी श्रेणी आठ की जमीन का बैनामा पुरानी बाजार निवासी जुलेखा पत्नी यूसुफ द्वारा सरिता देवी पत्नी डा. मनोज के पक्ष में किया गया है।
बैनामा के बाद अपनी खतौनी को बिना किसी आदेश के नियम विरुद्ध तरीके से जमीन को श्रेणी नौ में परिवर्तित करा दिया गया। श्रेणी आठ की जमीन को कोई बेच नहीं सकता है। ऐसे में संबंधित लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही जमीन को पूर्व की स्थिति में लाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।