जेल में हुई इस घटना के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। मारपीट करने वाले बंदियों के संबंधियों में जेल के बाहर गैंगवार न हो, इसके लिए सभी थानों को भी अलर्ट कर दिया गया। बंदियों के संबंधियों के यहां भी पुलिस दबिश दे रही है। इस संबंध में जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि वर्चस्व को लेकर मारपीट हुई थी। दो घायलों का जेल अस्पताल में इलाज चल रहा है। मारपीट में 15 बंदी घायल हुए हैं।
देर शाम दूसरी जेलों में भेजे गए छह बंदी
शनिवार को हुई इस घटना के बाद रविवार की सुबह डीएम डॉ. दिनेश चंद्र और एसपी डॉ. कौस्तुभ ने जिला कारागार का निरीक्षण कर माहौल का मुआयना किया। डीएम ने घटना में शामिल कुछ बंदियों को चिह्नित कर दूसरे कारागार में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है। मारपीट में शामिल बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद देर शाम छह बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए उनको दूसरे जनपदों की जेलों में भेजा गया। इसमें सोनू सिंह गुट के शैलेंद्र प्रताप सिंह और निशांत सिंह को प्रयागराज जेल भेजा गया। मंगेश यादव गुट के मंगेश और संगम यादव को वाराणसी जेल भेजा गया। दो अन्य बंदी संदीप मौर्या को सुल्तानपुर और नीरज यादव को गाजीपुर जेल भेजा गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोनू सिंह और मंगेश यादव गिरोह जौनपुर के अलावा अन्य शहरों में भी सक्रिय है। सोनू सिंह गुट हत्या, लूट, छिनैती आदि अपराधों में संलिप्त है। इनके तार मुंबई और कोलकाता में भी जुड़े हैं। मंगेश यादव गुट भी लूट, हत्या और छिनैती की बड़ी घटनाओं को अंजाम देता है। दोनों गुटों की जड़ें जौनपुर में गहरी हैं।
क्या बोले अधिकारी
मासिक निरीक्षण के क्रम में रविवार को जिलाधिकारी के साथ जेल का निरीक्षण किया। जेल में झड़प की सूचना थी, इस बाबत जांच की गई। फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है। बंदियों पर जेल प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। -डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक