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Jaunpur News: भोला जायसवाल को सोनभद्र एसआईटी 22 दिसंबर को लाएगी जौनपुर

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कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई मामले में जांच जारी है। पूरे सिडिंकेट के सरगना वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को अब सोनभद्र एसआईटी 22 दिसंबर को जौनपुर लाएगी। जहां उसे सीजेएम कोर्ट पेश किया जाएगा।
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यहां जौनपुर एसआईटी आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जौनपुर एसआईटी का नेतृत्व कर रहे प्रशिक्षु आईपीएस और सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में गिरफ्तार भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र से जौनपुर लाया जाएगा।
इसके लिए जौनपुर एसआईटी ने रिमांड के लिए सीजेएम कोर्ट में आवेदन किया है। भोला को 22 दिसंबर को जौनपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसआईटी भोला जायसवाल से विस्तृत पूछताछ के लिए 14 दिन की पुलिस कस्टडी का अनुरोध करेगी।
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भोला जायसवाल की रांची में शैली ट्रैडर्स के नाम से फर्म है, जो उसके और उसके बेटे शुभम जायसवाल के नाम पर है। वहां से जनपद में 42.45 करोड़ की कोडिन युक्त कफ सिरप की सप्लाई दिखाई गई है, जिसे जनपद के 12 मेडिकल प्रतिष्ठानों ने खरीदा है।
साथ ही इन मेडिकल स्टोरों से वाराणसी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और आजमगढ के फर्मों को सप्लाई करने की बात कही गई है। इसके लिए बिलिंग भी की गई, लेकिन वास्तविकता में यह कफ सिरप जनपद में आई ही नहीं।
जांच में जुटे अधिकारी इस कफ सिरप के झारखंड, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में सप्लाई किए जाने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।

एक और फर्म से जिले में कोडिन युक्त कफ सिरप की सप्लाई का खुलासा
अब दिल्ली की एक और फर्म से कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। जहां से 48 हजार सीसी कफ सिरप की खरीद-बिक्री की थी। यह फर्म पहले भी खरीद-बिक्री में पकड़ी जा चुकी है, जिसके खिलाफ शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज है।
औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि गाजियाबाद निवासी शादाब की एसवी ट्रेडर्स के नाम से परपतगंज, दिल्ली में फर्म है। इस फर्म से शहर कोतवाली क्षेत्र के के विशेषरपुर स्थित मनीष मेडिकल एजेंसी तो करीब 48 हजार कोडिन युक्त एस्कुफ कफ सिरप सप्लाई की गई।
मौके पर दुकान बंद मिली। आसपास के लोगों ने बताया कि अर्जुन सोनकर ने बहुत पहले दो-चार महीने दुकान खोली थी, जो अब नहीं खुलती हैं। जांच में पाया गया कि यहां से 48 हजार कप सिरप की खरीद बिक्री दिखाई गई।
कफ सिरप की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने इसे लेकर तहरीर दे दिया है। पुलिस अधिकारियों की ओर से बताया गया है पूर्व में दर्ज की गई प्राथमिकी में इसे समयोजित कर प्रकरण की विवेचना एवं वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
20 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने की चल रही प्रक्रिया
औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि एफआईआर की गिरफ्त में आने वाले सभी 20 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सात ऐसे फर्म भी जांच में मिले, जो संचालित ही नहीं होते हैं। इन मेडिकल स्टोरों को चिह्नित कर कारण बताओ नोटिस दिया गया है। साथ ही इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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