जिला पंचायत सदस्यों की सुरक्षा में गार्ड तैनात किए गए हैं, लेकिन कई सदस्यों ने यह कहते हुए सुरक्षा वापस कर दी कि उन्हें किसी से कोई खतरा नहीं है। हालांकि कुछ सदस्य ऐसे भी हैं, जिनकी सुरक्षा में तैनात किए गए गार्ड को दो दिन बाद ही वापस बुला लिया गया।
जिले में कुल 83 जिला पंचायत सदस्य हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को देखते एसपी ने सभी सदस्यों की सुरक्षा में दो-दो सुरक्षा गार्डों की तैनात का आदेश दिया है। एसपी के इस आदेश पर पहले एक-एक सुरक्षा गार्ड सदस्यों को उपलब्ध कराए गए। जिले के करीब 10 सदस्यों ने यह कहते हुए सुरक्षा गार्ड वापस कर दिया कि उन्हें किसी से कोई खतरा नहीं है। सुरक्षा गार्ड वापस करने वाले जिला पंचायत सदस्य विकास यादव बिंदुली ने बताया कि दो दिन पहले रात में दो सिपाही घर आए और कहने लगे कि उनकी सुरक्षा के लिए थानेदार ने उन्हें भेजा है। इस पर थानाध्यक्ष सिकरारा से बात कर दोनों सुरक्षा गार्ड को वापस कर दिया। उधर, बक्शा के वार्ड 24 से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव ने बताया कि संतोष यादव नाम के एक सिपाही को सुरक्षा के लिए भेजा गया था। दूसरे दिन ही सिपाही यह कहते हुए वापस चला गया कि यहां से उनकी ड्यूटी वापस ले ली गई है। वार्ड संख्या 27 से निर्वाचित सदस्य ऊषा देवी के पति रामआसरे निवासी खमपुर का कहना है कि पांच दिन पहले एक सिपाही की ड्यूटी सुरक्षा में लगाई गई थी। दो दिन बाद ही सुरक्षा वापस ले ली गई।
वर्जन :
सभी जिला पंचायत सदस्यों की सुरक्षा में दो-दो सुरक्षा गार्ड की तैनाती की गई है। सभी थानेदारों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अपने इलाके के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों की सुरक्षा में गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करें।- डॉ संजय कुमार, एएसपी सिटी